शशिभूषण दूबे कंचनीय,
लखनऊ(बाराबंकी): देश भर में हो रहे पत्रकारों का उत्पीड़न बंद होने का नाम नही ले रहा. आए दिन पत्रकारों पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए जा रहे है. पत्रकारों की सुरक्षा और न्याय संगत कार्यवाही सरकार का सिर्फ छलावा नीति मानी जा रही. गुरुवार को विभिन्न पत्रकार संगठन से जुड़े पत्रकारों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा. उन्होंने मांग की है कि उत्तराखंड में सरकारी महकमो में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करने वाले पत्रकारों के खिलाफ सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत के इशारे पर पुलिस द्वारा राजद्रोह की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है.
जो लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का गला घोंटने और पत्रकारों की आवाज को तानाशाही के दम पर दबाने के प्रयास है. जिसको लेकर देश भर के पत्रकारों में काफी आक्रोष व्याप्त है. जिसकी आज बाराबंकी के पत्रकारों ने उत्तराखंड सरकार की तानाशाही की कड़ी निंदा की और विरोध जताया. इस मौके पर अपर जिलाधिकारी संदीप कुमार गुप्ता के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेज कर उत्तराखंड सरकार द्वारा एक निजी चैनल के सीईओ उमेश कुमार, वरिष्ठ पत्रकार राजेश शर्मा और एसपी सेमवाल के पर फर्ज़ी तरीके से राजद्रोह का केस लगाये जाने के प्रकरण की सीबीआई जांच कराने की मांग की.
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार महंत बीपी दास, वरिष्ठ पत्रकार संजय वर्मा “पंकज”, सरदार भूपिंदर सिंह “शैंकी” पत्रकार, पत्रकार कामरान अलवी, पत्रकार देवेन्द्र नाथ मिश्रा , पत्रकार प्रेम अवस्थी, पत्रकार आसिफ हुसैन , पत्रकार राशिद अली सिद्दीकी, पत्रकार गोविंद वर्मा, पत्रकार मंसूफ अहमद, पत्रकार अर्जुन सिंह, पत्रकार वरुण सिंह चौहान,पत्रकार अली चाँद पत्रकार कपिल यादव , पत्रकार मनीष सिंह , पत्रकार कल्बे अली रज़ा आदि पत्रकार गण मौजूद रहे.

