BNN DESK: जहां एक ओर कोरोना वायरस हमारे लिए जानलेवा है और इससे बचने के लिए अभी तक कोई वैक्सीन नहीं है पर क्या आप जानते है की कपालभाति प्राणायाम के जरिये हम अपना बचाव कोरोना वायरस से कर सकते है. कोरोना वायरस महामारी के काल में सभी को खुद को सुरक्षित रखने के लिए सभी तरह के सेफ्टी नियमों का पालन करना चाहिए. यह बीमारी सांस के जरिए इंसान को प्रभावित करती है तो मजबूत इम्यून सिस्टम के जरिए इससे लड़ा जा सकता है. हम आपको कपालभाति प्राणायाम (Kapalabhati Pranayama) के बारे में बता रहे हैं जो कि फेफड़ों की क्षमता को मजबूत करने के साथ इम्यून सिस्टम को बेहतर करता है.
प्राणायाम योग को फेफड़ों के लिए सबसे अच्छा व्यायाम बताया जाता है. अगर आप नियमित रूप से कपालभाति प्राणायाम को करते हैं तो इससे विभिन्न प्रकार से स्वास्थ्य को लाभ होता है, जिसमें वजन कम करने से लेकर तनाव आदि से भी छुटकारा शामिल है. वर्तमान में कहीं न कहीं इस जानलेवा कोरोना वायरस महामारी ने लोगों को कई प्रकार से स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित किया है. अगर बात की जाए दिल्ली के पहले कोरोनावायरस सर्वाइवर की तो उन्होंने कोविड-19 से पीड़ित लोगों को प्राणायम की सिफारिश की थी. उन्होंने कहा था कि सांस संबंधी बीमारी के इलाज के दौरान इससे उन्हें काफी मदद मिली थी. यहां हम आपको इस योग के बारे में बता रहे हैं.
क्यों करना चाहिए रोजाना प्राणायाम
कोविड-19 महामारी से बहुत पहले से ही इस योग को किया जाता रहा है. ज्यादा से ज्यादा लोग इंफेक्शन से बचने के लिए, शांति के लिए और अपने इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए योग से जुड़ रहे हैं, जिसमें SARS-CoV-2 वायरस भी एक वजह है. कई स्टडी से यह पता चलता है कि नियमित रूप से योग और मेडिटेशन करने से फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है, जिससे कोविड-19 जैसी स्थिति के खतरे को कम किया जा सकता है. योग एक्सपर्ट के अनुसार, नियमित रूप से प्राणायाम और स्वास तकनीकों के जरिए फेफड़ों को कई फायदों के साथ ज्यादा मजबूत बनाया जाता है.

