रंजीत कुमार,
सीतामढ़ी/रिगा: रीगा के करण अर्जुन संगीत जगत में निपुणता हासिल कर अयोध्या एवं प्रयागराज में मैथिली संगीत का जादू बिखेर रहा है.
प्रतिभा किसी का मोहताज नहीं होता. जिस प्रकार निश्चित समय पर पेड़ों में फल लग जाता है, उसी प्रकार समय पर मानव की प्रतिभा भी फूल की तरह सुगंध बिखेर देता है.
गोविंद फंदह गांव के वार्ड नंबर एक निवासी सुनील झा के घर में एक साथ दो प्रतिभा जन्म लिया करण एवं अर्जुन सुनील झा का जुड़वा पुत्र है. दोनों के उम्र में कुछ मिनट का अंतर है मात्र 20 वर्ष की आयु में ही करण एवं अर्जुन संगीत विज्ञान में निपुणता हासिल कर अयोध्या के लक्ष्मण घाट पर मैथिली संगीत का जादू बिखेर रहा है.
पिता गरीबी में करण एवं अर्जुन का लालन-पालन किया दोनों पुत्र पिता की गरीबी से काफी दुखी हुए एवं जीवन में कुछ करने के उद्देश्य से इलाहाबाद चला गया दोनों की मीठी आवाज से प्रभावित होकर लोगों ने इलाहाबाद प्रयाग संगीत महाविद्यालय में दोनों का दाखिला करा दिया. फिलहाल दोनों अभी संगीत शिक्षा के साथ-साथ वाद्य यंत्रो की शिक्षा भी ग्रहण कर रहे हैं.
शिक्षा ग्रहण करने के अलावा दिल्ली हरियाणा पंजाब आदि राज्यों में उनका संगीत भजन सुनने के लिए लोग दीवाने बनते जा रहे हैं. देखने में दोनों भाई का चेहरा एक जैसा है.
हारमोनियम तबला वाद्य यंत्रों का भी सफल अध्ययन दोनों भाई का चल रहा है. आने वाले दिनों में राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोनों भाई की पहचान बनेगी लोगों को उम्मीद है. करण एवं अर्जुन की चर्चा गांव के अलावे धीरे-धीरे इलाके में फैल रही है.

