हजारीबाग वन विभाग में ट्रांसफर पोस्टिंग और स्टे ? कैसे हटे और कब ?
वन विभाग के कार्मिक पीसीसीएफ के पत्र का तीन साल तक अमल नहीं
हजारीबाग : -वन विभाग हजारीबाग परिक्षेत्र इन दिनों अपने काम से ज्यादा अपने कारनामों के लिए चर्चा में है। वर्तमान में जो मामला प्रकाश में आया है वह ट्रांसफर पोस्टिंग और स्टे को लेकर है । जिसकी चर्चा दबे जुबान से वन विभाग में जोरों से हो रही है। हुआ यूं कि कार्मिक पीसीएसीफ ने अक्टूबर 2022 में पत्र निकाला था। पत्र के माध्यम से सभी क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षकों को तृतीय श्रेणी के कर्मियों को रीजन के अधीन स्थानांतरण और पदस्थापन के संबंध में निर्देश दिया था। पत्र में कहा गया था कि अधिकांश कर्मी काफी वर्षों से एक ही कार्यर्यालय में पदस्थापित / कार्यरत है, जिसके कारण विभागीय कार्यों के प्रगति की दिशा में उदासीनता से इनकार नहीं किया जा सकता है। कर्मियों के विरूद्ध एक ही कार्यालय में पदस्थापित रहकर भ्रष्टाचार करने संबंधी कतिपय शिकायतें विभाग के माध्यम से प्राप्त होते राहते हैं जिससे विभाग की छवि धूमिल होती है, जो विभाग के लिए चिंतनीय विषय है।अतः कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के प्रासंगिक पत्र के रीजन के अन्तर्गत प्रादेशिक अचल / प्रमंडल में पिछले 10 वर्षों से अधिक समय से पदस्थापित / कार्यरत उच्चवर्गीय लिपिक / निम्नवर्गीय लिंपिक (चालू वित्तीय वर्ष में सेवानिवृत होने वाले को छोड़कर) की सूची एवं उनका अपने रीजन के अन्तर्गत स्थानान्तरण / पदस्थापन करते हुए कृत कार्रवाई से इस कार्यालय को सूचित करने का निर्देश दिया था।
हजारीबाग आरसीसीएफ ने पहले बदला फिर रोका
भ्रष्टाचार रोकने के उद्देश्य से कार्मिक विभाग (वन) ने तीन साल पहले जो पत्र जारी किया था। उसका अमल हजारीबाग क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक रविंद्र नाथ मिश्रा ने किया लेकिन उक्त पत्र के निर्देशों के आलोक में अपने पसंदीदा और चुनिंदा कर्मियों को पहले उससे बाहर रखा और बीस जून को लोक सेवा हित एवं प्रशासनिक दृष्टिकोण से उन्नीस कर्मचारियों को स्थानांतरण पदस्थापन किया । लगभग पंद्रह दिनों के बाद स्थानांतरित कर्मचारियों में से विनय कुमार,अवधेश कुमार तिवारी एवं मनोज कुमार का स्थानांतरण स्थगित करते हुए विकास कुमार सिन्हा के स्थानांतरण आदेश को संशोधित करते हुए हजारीबाग पूर्वी वन प्रमंडल कर दिया।
डीएफओ मौन प्रकाश ने दूसरे ही दिन बदला आदेश
हजारीबाग क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक द्वारा चुनिंदा लोगों को छोड़कर किए गए स्थानांतरण पदस्थापन के बाद कुछ का स्थानांतरण स्थगित किए जाने की चर्चा शांत भी नहीं हुई थी कि पश्चिमी वन प्रमंडल डीएफओ मौन प्रकाश द्वारा किए गए स्थानांतरण की चर्चा शुरू हो गई है। उन्नीस अगस्त को अपने क्षेत्र अंतर्गत छह वनरक्षियों को स्थानांतरित आदेश पत्र निकाला,जिसमें आनंद कुमार सिंह,अमर आनंद सरस्वती,दीपक यादव, प्रभात कुमार लकड़ा,प्यारेलाल साव एवं सुजीत टोप्पो शामिल हैं। दूसरे ही दिन आनंद कुमार सिंह को कई अन्य जगहों का प्रभार और स्थानांतरण करने के साथ अमर आनंद सरस्वती का स्थानांतरण स्थगित करते हुए अन्य जगहों का प्रभार भी दे दिया। इस बात के वन विभाग में खासी चर्चा है उड़ते उड़ते यह खबर राज्य मुख्यालय में भी पहुंच गई है। जिसको लेकर आधिकारिक तौर पर किसी प्रकार की कोई टिप्पणी नहीं आई है, लेकिन आशंकाओं पर लोगों में चर्चा चल रही है ।
