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राजनीतिक दलों और अभ्यर्थियों के खर्चें का रखें हिसाब : कृपानंद झा

by bnnbharat.com
October 23, 2019
in समाचार
राजनीतिक दलों और अभ्यर्थियों के खर्चें का रखें हिसाब : कृपानंद झा

Keep account of expenses of political parties and candidates: Kripanand Jha

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रांची: अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कृपानंद झा ने कहा कि झारखंड विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ निर्वाचन की प्रक्रिया शुरु हो जाएगी. चुनाव में उम्मीदवारों के लिए अधिकतम खर्च की सीमा 28 लाख रुपए है.

चुनाव खर्च के अनुश्रवण के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने कई प्रावधान किए हैं. इन प्रावधानों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाना है.

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के कार्यालय में विधानसभा क्षेत्र- एक से तैंतालीस तक के लिए नियुक्त किए गए सहायक व्यय प्रेक्षकों के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृपानंद झा ने कहा कि चुनाव प्रचार अवधि के दौरान अभ्यर्थियों के वैधानिक खर्च का संधारण भारत निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देश के अनुसार किया जाना है.

यह स्वतंत्र, स्वच्छ, पारदर्शी और शांतिपूर्ण मतदान के लिए आवश्यक है. उन्होंने यह भी कहा कि प्रायः जानकारी के अभाव में चुनाव व्यय से संबंधित प्रावधानों का उल्लंघन होता है.

अतः सहायक व्यय प्रेक्षकों का दायित्व है कि वे राजनीतिक दलों और अभ्यर्थियों के साथ लगातार बैठक करते हुए उन्हें चुनाव प्रचार के दौरान खर्च को लेकर भारत निर्वाचन आयोग के द्वारा तय किए गए प्रावधानों की जानकारी दें.

सहायक व्यय प्रेक्षक मास्टर ट्रेनर का निभाएंगे रोल

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में कार्यरत संयुक्त सचिव हीरालाल मंडल ने कहा कि यहां से प्रशिक्षण लेने के उपरांत सभी सहायक व्यय प्रेक्षक अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में चुनाव व्यय अनुश्रवण के लिए बनाई गई टीम के सदस्यों को प्रशिक्षत करेंगे.

वैधानिक और अवैधानिक खर्च से कराया गया अवगत

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में कार्यरत अवर सचिव देवदास दत्ता ने चुनाव व्यय अनुश्रवण को लेकर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में मौजूद सहायक व्यय प्रेक्षकों को चुनाव प्रचार अभियान के दौरान राजनीतिक दलों और अभ्यर्थियों द्वारा किए जाने वाले वैधानिक और अवैधानिक खर्च के संबंध में विस्तार से जानकारी दी.

उन्होंने जब्त की जानेवाली अवैध नकदी, मादक पदार्थ आदि के निस्तार पर व्यापक प्रकाश डाला एवं की जानेवाली कार्रवाई के संबंध में जानकारी दी.

सहायक व्यय प्रेक्षकों से कहा कि वे चुनाव प्रचार को लेकर किए जाने वाले खर्चे का अनुश्रवण कर उसकी रिपोर्ट देंगे.

नकद खर्च की अधिसीमा है 10 हजार रुपए

देवदास दत्ता ने बताया कि कोई भी अभ्यर्थी अपने चुनाव प्रचार अभियान के दौरान नकद में 10 हजार रुपए से ज्यादा खर्च नहीं कर सकते हैं.

इससे अधिक होने वाले खर्च को बैंक चेक के माध्यम से भुगतान किया जाना है.

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी अभ्यर्थी पूरे निर्वाचन प्रचार अभियान के दौरान किसी एक व्यक्ति अथवा एक फर्म को दस हजार से ज्यादा नकद भुगतान नहीं कर सकते हैं. अगर इससे ज्यादा खर्च होता है तो उसका भुगतान बैंक चेक के माध्यम से सुनिश्चित किया जाना है.

अभ्यर्थियों के खर्च की सीमा निर्धारित, राजनीतिक दलों के लिए नहीं

देवदास दत्ता ने कहा कि विधानसभा चुनाव में अभ्यर्थियों के खर्चे की अधिकतम सीमा 28 लाख रुपए निर्धारित है, जबकि राजनीतिक दलों के खर्चे की कोई भी सीमा निर्धारित नहीं है.

उन्होंने यह भी बताया कि स्टार प्रचारकों के खर्च को लेकर भी भारत निर्वाचन आयोग ने प्रावधान तय किए हैं.

अगर कोई स्टार प्रचारक राजनीतिक दल के प्रचार के लिए आता है तो उसका खर्च राजनीतिक दल के खाते में जाएगा, लेकिन अगर वह अभ्यर्थी के साथ रैली अथवा सभा में शामिल होता है, सभा में अभ्यर्थी का नाम लेता है तो वह खर्च अभ्यर्थी के खाते में शामिल किया जाएगा.

यदि स्टार प्रचार द्वारा एक से अधिक प्रत्याशियों के के लिए एक साथ प्रचार किया जाता है, तो व्यय का संधारण उन सभी अभ्यर्थियों के खातों में समानुपातिक रुप से किया जाएगा.

उन्होंने बताया कि मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल 40 और गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को 20 स्टार प्रचारक रखने की अनुमति है.

उनके द्वारा लिस्ट चुनाव की घोषणा के सात दिनों के अंदर स्टार प्रचारकों की सूची आयोग को उपलब्ध करा दी जानी होगी.

अभ्यर्थियों को अपने उपर दर्ज आपराधिक मुकदमों की जानकारी समाचार पत्रों और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से देनी होगी

देवदास दत्ता ने कहा कि चुनाव में खड़ा होने वाले वैसे अभ्यर्थियों जिनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज है अथवा जिन्हें सजा सुनाई जा चुकी है.

उसकी जानकारी चुनाव प्रचार अवधि के दौरान तीन बार समाचार पत्रों में प्रकाशन और इलेक्ट्रॉनिक न्यूज चैनलों में भी तीन बार प्रसारण करना अनिवार्य है.

उन्होंने बताया कि समाचार पत्रों में न्यूनतम 12 फोंट साइज में विहित प्रपत्र में प्रकाशन औऱ टीवी चैनलों में न्यूनतम 7 सेकेंड के लिए प्रसारण अनिवार्य है.

इसका प्रकाशन / प्रसारण उस विधानसभा क्षेत्र के महत्वपूर्ण समाचार पत्र / चैनलों में किया जाना होगा, एवं इसपर होनेवाले व्यय का भी संधारण करना होगा.

तीन बार कराना है व्यय से संबंधित पंजी का निरीक्षण

देवघर के उप निर्वाचन पदाधिकारी प्रवीण प्रकाश ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में मौजूद सहायक व्यय प्रेक्षकों को बताया कि चुनाव में खड़ा सभी अभ्यर्थियों को प्रचार अवधि के दौरान तीन बार अपने पंजियों का निरीक्षण कराना अनिवार्य है.

पंजियों के निरीक्षण की तारीख भी तय की जाएगी, लेकिन अंतिम निरीक्षण निर्वाचन की तारीख के तीन दिनों के पहले की नहीं होनी चाहिए.

सभी सहायक व्यय प्रेक्षक इसे हर हाल में सनिश्चित करेंगे. उन्होंने व्यय के मामले में किए जाने वाले उल्लंघन पर अभ्यर्थियों को दिए जाने वाले नोटिस के संबंध में भी विस्तार से बताया.

साथ ही प्रकाशकों द्वारा चुनाव प्रचार के दौरान जिन दिशा निर्देशों का अनुपालन किया जाना है, उसके संबंध में भी विस्तार से बताया गया.

उन्होंने नकदी जब्ती के उपरांत इसे कोषागार में जमा करने/ प्राथमिकी दर्ज करने/ आयकर विभाग को सूचित करने इत्यादि से संबंधित प्रावधानों के बारे में भी अवगत कराया.

अनिवार्य रुप से किया जाना होगा लेखों का संधारण

प्रवीण प्रकाश ने बताया कि निर्वाचन व्यय के संधारण हेतु तीन पंजी होगी. इसमें एक सफेद, एक गुलाबी औऱ एक पीले रंग की होगी.

इसे संबंधित विधानसभा क्षेत्र के निर्वाची पदाधिकारी प्रमाणित करेंगे. इन पंजियों में अभ्यर्थियों को अपने निर्वाचन व्यय की सार विवरणी देनी होगी.

इसके साथ अभ्यर्थियों को नामांकन करने के कम से कम एक दिन पहले बैंक में अलग खाता खोलना होगा. यह खाता अभ्यर्थी के नाम अथवा अभ्यर्थी और उसके निर्वाचक अभिकर्ता के संयुक्त नाम से खोला जा सकता है.

इसी खाते के जरिए ही अभ्यर्थी अपने चुनाव प्रचार का खर्च कर सकेंगे.

व्यय अनुश्रवण से संबंधित टीम

प्रवीण प्रकाश ने बताया कि विधानसभा चुनाव को लेकर भारत निर्वाचन आयोग ने नए व्यय अनुश्रवण मेकानिज्म से संबंधित निर्देश जारी किए हैं.

इसमें व्यय प्रेक्षक, सहायक व्यय प्रेक्षक, फ्लाइंग स्क्वायड, स्टैटिक सर्विलांस टीम, वीडियो सर्विलांस टीम, वीडियो व्यूइंग टीम, मीडिया सर्टिफिकेशन मॉनिटरिंग कमिटी (एमसीएमसी), अकाउंटिंग टीम और लीकर मॉनिटरिंग टीम शामिल है.

प्रशिक्षण कार्यक्रम को सलाहकार दिलीप कुमार सिंह ने भी संबोधित किया. इस मौके पर संयुक्त सचिव  अभयनंदन अंबष्ठ, उप निर्वाचन पदाधिकारी राजेश रंजन वर्मा समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद थे.

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