केरल: केरल में सचिवालय के उत्तरी ब्लॉक स्थित प्रोटोकॉल विभाग में मंगलवार की शाम को आग लग गई. विपक्षी कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक धरने पर बैठ गए. विधायकों ने आरोप लगाया कि आग लगी नहीं बल्कि लगाई गई है. उनका कहना था कि यह पूरी कोशिश गोल्ड स्मगलिंग केस के सबूत तबाह करने की साजिश है.
विरोध प्रदर्शन कर रहे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के केरल अध्यक्ष के सुरेंद्रन को हिरासत में ले लिया गया है. अग्निशमन एवं बचाव विभाग के सूत्रों ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है. सूत्रों ने कहा कि विभाग को शाम करीब पौने पांच बजे आग लगने की सूचना मिली और तत्काल अग्निशमन वाहन मौके पर भेजे गए.
सचिवालय में रखरखाव प्रकोष्ठ के अतिरिक्त सचिव पी हनी ने कहा कि एक कंप्यूटर में शॉर्ट सर्किट होने के कारण आग लगने का संदेह है, जिसे बुझा दिया गया है. अधिकारी ने एक न्यूज चैनल से कहा, ‘कोई भी महत्वूपर्ण फाइल नष्ट नहीं हुई है. वे सभी सुरक्षित हैं. हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है.’
तिरुवनंतपुरम में सचिवालय में आग लगने की घटना के खिलाफ कोझीकोड में प्रदर्शन कर रहे यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया. ये लोग कोझीकोड पुलिस प्रमुख के कार्यालय की ओर जा रहे थे. इस दौरान पुलिस ने इन्हें रोकने की कोशिश की, इस दौरान स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. बताया जा रहा है कि पुलिस के लाठीचार्ज में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को गंभीर चोटे आईं हैं.
विधानसभा सचिवालय में आग लगने की घटना को लेकर राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रमेश चेन्निथला ने 25 अगस्त को राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से मुलाकात की. वहीं, कांग्रेस विधायक वीटी बलराम ने कहा कि हम इस घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं. राज्य सरकार ने आईएसएस अधिकारियों के नेतृत्व में एक जांच कमेटी का गठन किया है. हमें इस कमेटी पर बिलकुल भी विश्वास नहीं है क्योंकि चीफ सेकरेट्री की भूमिका ही संदिग्ध है. उन्होंने कहा कि सोने की तस्करी की जांच कर रही एनआईए इस घटना की भी जांच करे.
भाजपा नेता कुम्मनम राजशेखरन ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने सोने की तस्करी की जांच को भटकाने के लिए इस घटना को अंजाम दिया है. सचिवालय के प्रोटोकॉल ऑफिस में इस केस से जुड़ी कई महत्वपूर्ण फाइलें हैं. हम इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हैं. हमें संदेह है कि प्रोटोकॉल कार्यालय में फाइलों को नुकसान पहुंचाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से इस घटना को अंजाम दिया गया है.

