BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

प्रदेश में एक जुलाई से संचालित होगा किल कोरोना अभियान

सभी का सहयोग प्राप्त कर करें कोविड-19 का खात्मा

by bnnbharat.com
June 25, 2020
in Uncategorized
प्रदेश में एक जुलाई से संचालित होगा किल कोरोना अभियान

प्रदेश में एक जुलाई से संचालित होगा किल कोरोना अभियान

Share on FacebookShare on Twitter

श्योपुर: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा है कि प्रदेश में एक जुलाई से किल कोरोना अभियान चलाया जाएगा. भोपाल से अभियान की शुरुआत की जाएगी. प्रदेश के सभी जिलों में वायरस नियंत्रण और स्वास्थ्य जागरूकता के इस महत्वपूर्ण अभियान में सरकार और समाज साथ-साथ कार्य करेंगे. किल कोरोना अभियान प्रत्येक परिवार को कवर करेगा. इसके लिए दल गठित किए जा रहे हैं. कोविड मित्र भी बनाये जायेंगे, जो स्वैच्छिक रूप से इस अभियान के लिये कार्य करेंगे. मुख्यमंत्री चौहान ने कमिश्नर-कलेक्टर की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में निर्देश दिया कि वे इस अभियान के लिए आवश्यक तैयारियां अभी से प्रारंभ कर दें. देश के इस अनूठे और बड़े अभियान के संचालन से अन्य प्रदेशों तक भी एक सार्थक संदेश पहुंचेगा.

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिलों और संभागों में आईजी और कमिश्नर्स भी कोरोना नियंत्रण पर निगाह रखें. मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश के करीब 14 हजार महिला और पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं पर सर्वे कार्य की अहम जिम्मेदारी रहेगी. कॉन्फ्रेंस में स्वास्थ्य और गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मोहम्मद सुलेमान, प्रमुख सचिव फैज अहमद किदवई, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी और अन्य अधिकारी उपस्थित थे.

डोर-टू-डोर सर्वे में सभी का सहयोग प्राप्त करें

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश को कोरोना के नियंत्रण में अन्य राज्यों की तुलना में सफलता भी मिली है. लेकिन सजगता का स्तर बना रहे और सभी आवश्यक उपायों को अपनाते रहें, यह बहुत आवश्यक है. मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि कोरोना वायरस को समाप्त कर ही हमें चैन की सांस लेना है. प्रदेश में अब डोर-टू-डोर विस्तृत सर्वे के माध्यम से संदिग्ध रोगी की शीघ्र पहचान और उपचार का कार्य अधिक आसान हो जायेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलों में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप के सदस्यों के साथ ही सभी का सहयोग लेते हुए अभियान को गति दी जाए. वायरस के पूर्ण नियंत्रण की रणनीति के साथ कार्य करना है. मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में ग्रोथ रेट और एक्टिव प्रकरणों की संख्या कम है. मध्यप्रदेश 76.1 प्रतिशत रिकवरी रेट के साथ देश में दूसरे क्रम पर है. वायरस के इस स्प्रेड को रोकने में कामयाबी मिली है.

आमजन भी बने सहयोगी

मुख्यमंत्री चौहान ने आमजन से भी अपील की है कि किल कोरोना अभियान में अपना सहयोग प्रदान करें. घर-घर पहुंच रहे सर्वे दल को आवश्यक जानकारी देकर सहयोग करें. इस सर्वे में महिला और पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शामिल रहेंगे. सर्दी-खांसी जुकाम के साथ ही डेंगू, मलेरिया, डायरिया आदि के लक्षण पाये जाने पर भी जरूरी परामर्श और उपचार नागरिकों को मिल सकेगा. सार्थक एप का उपयोग कर इन जानकारियों की प्रविष्टि की जाएगी. कुल दस हजार दल कार्य करेंगे. सर्वे दल अनुमानित दस लाख घरों में रोज जाएंगे. एक दल करीब 100 घरों तक पहुंचेगा. राज्य की शत-प्रतिशत आबादी को इस सर्वे से कवर किया जाएगा. स्वास्थ्य शिक्षा देने का कार्य भी साथ-साथ चलेगा. विभिन्न तरह की प्रचार सामग्री और प्रत्यक्ष सम्पर्क कर नागरिकों को सर्वे दल के आने की सूचना देने का कार्य एडवांस टीम द्वारा किया जाएगा. इन कार्यों में सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए नागरिकों से सहयोग प्राप्त किया जाएगा.

मुख्यमंत्री चौहान ने की है 210 घंटे मीटिंग और वी.सी.

कान्फ्रेंस में जानकारी दी गई कि प्रदेश में मुख्यमंत्री चौहान ने 23 मार्च, मुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण से लेकर 22 जून तक कुल 210 घंटे बैठकों और वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेश में कोरोना नियंत्रण की निरंतर समीक्षा की है. इस सतत् अनुश्रवण से प्रत्येक जिले की एक-एक गतिविधि की जानकारी मुख्यमंत्री चौहान ने प्राप्त की. जिन जिलों में पॉजीटिव रोगी अपेक्षाकृत अधिक पाये गए, उनके बारे में मुख्यमंत्री चौहान ने प्रत्यक्ष समीक्षा भी की.

ग्वालियर में रोग नियंत्रण प्रयासों की प्रशंसा

मुख्यमंत्री चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंस में ग्वालियर जिले में कोरोना वायरस के नियंत्रण के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कलेक्टर को बधाई दी. मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि ग्वालियर इस क्षेत्र में अच्छे कार्य का एक उदाहरण बना है. उन्होंने अन्य जिलों में भी निरंतर पूरी ऊर्जा से वायरस नियंत्रण के साथ-साथ टेस्टिंग सुविधा, उपचार, सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखे जाने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि कोरोना के टेस्ट की रिपोर्ट और कम समय में आ जाये, ऐसे प्रयास किये जायें. इससे पॉजीटिव पाये गये रोगी के शीघ्र और पूर्ण सफल उपचार में आसानी होगी.

3 लाख को दी गई विशेष ट्रेनिंग

प्रदेश में करीब 3 लाख लोगों को कोविड-19 के दृष्टिगत जांच, उपचार, क्वांरेंटाइन, सर्वेलांस, संक्रमित क्षेत्र के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने, सोशल डिस्टेंसिंग आदि का प्रशिक्षण दिया गया है. प्रशिक्षित लोगों में चिकित्सक, नर्स, स्वास्थ्य कार्यकर्ता आदि शामिल हैं.कोविड से संबंधित कार्यों की इस ट्रेनिंग में आशा वर्कर्स और वालंटियर्स भी शामिल हैं.

नौ हजार की क्षमता हो गई प्रतिदिन

बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश में देश के अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर नियंत्रित किया गया है. इस समय नौ हजार की क्षमता हो गई है. प्रतिदिन बढ़ती जांच क्षमता के कारण पॉजीटिव रोगियों के सामने आने और उन्हें उपचार के बाद स्वस्थ करने के कार्य में आसानी हुई है. इसलिए मध्यप्रदेश रिकवरी रेट में काफी आगे है. प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा ने जानकारी दी कि प्रदेश में चिकित्सा महाविद्यालयों के नए उपकरणों के स्थापित होने से शीघ्र ही 16 हजार से अधिक टेस्टिंग की सुविधा विकसित हो जाएगी.

प्रदेश में किए गए प्रबंध आवश्यकता से काफी अधिक

कोरोना पॉजीटिव रोगियों को कोविड केयर सेंटर में दाखिल करने के लिए प्रदेश में जो उपलब्ध बिस्तर क्षमता है उसका 20 प्रतिशत ही उपयोग किया जा रहा है. कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए बताया गया कि प्रदेश में कुल 24 हजार 235 जनरल बेड, 8 हजार 924 ऑक्सीजन बेड और एक हजार 105 आई.सी.यू. बेड उपलब्ध हैं. शासकीय और निजी अस्पतालों में प्रदेश में वायरस के प्रसार की आशंका के कारण यह क्षमता विकसित की गई.

इसका एक चैथाई से कम ही उपयोग में आ रहा है. प्रदेश के जिला अस्पतालों में जुलाई माह के अंत तक कुल 956 आई.सी.यू. बेड उपलब्ध रहेंगे. इसी तरह मेडिकल कॉलेज में इनकी संख्या 777 हो जायेगी. जिला और मेडिकल कॉलेज में मिलाकर अगले माह के अंत तक करीब 12 हजार ऑक्सीजन बेड उपलब्ध होंगे. प्रदेश में तीन माह में मिले करीब 12 हजार पॉजीटिव प्रकरणों में कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग का कार्य भी पूर्ण हो गया है.

यह इंदौर और ग्वालियर में 99 और 98 प्रतिशत तथा भोपाल, उज्जैन और बुरहानपुर में 100 प्रतिशत है. प्रदेश में 22 जून की स्थिति में 912 फीवर क्लीनिक कार्य कर रही हैं. इन क्लीनिक्स में आये रोगियों में से 77 प्रतिशत रोगियों को घर में आयसोलेट रहने का परामर्श दिया गया. प्रदेश में औसतन प्रति क्लीनिक 3019 रोगी पहुंचे हैं. इनमें सर्वाधिक भोपाल के नागरिक जागरूक हैं, जो प्रति क्लीनिक औसतन 304 की संख्या में जाकर परामर्श प्राप्त कर चुके हैं.

प्रदेश का ग्रोथ रेट सबसे कम

कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि प्रदेश की ग्रोथ रेट 1.43 है. यह सभी राज्यों से बेहतर है. वैसे तो प्रदेश में गत 5 सप्ताह से वायरस के नियंत्रण में तेजी आयी है, लेकिन निरंतर प्रत्येक स्तर पर किये गये प्रयासों से प्रदेश की स्थिति बेहतर बन सकी है. देश की आबादी में कभी मध्यप्रदेश के 6 प्रतिशत रोगी होते थे जो आज मात्र 1.3 प्रतिशत ही हैं. इंदौर नगर से देश के कुल कोविड रोगियों में 6.3 प्रतिशत शामिल थे, जो अब मात्र 01 प्रतिशत हैं. भोपाल और उज्जैन नगरों में भी नियंत्रण के प्रयास काफी सफल हुए हैं. एक्टिव प्रकरणों में जहां भारत का प्रतिशत 40 है वहीं मध्यप्रदेश में सिर्फ 19 प्रतिशत एक्टिव प्रकरण ही शेष हैं. इसका अर्थ है वायरस की तीव्रता भी कम हो रही है और मध्यप्रदेश संक्रमण का प्रकोप रोकने में अधिक सफल है. प्रदेश के 33 जिलों में 10 से कम एक्टिव केस हैं.

समुदाय आधारित प्रयासों पर होगा अमल

कॉन्फ्रेंस में स्वास्थ्य मिशन की प्रबंध संचालक छवि भारद्वाज ने प्रजेंटेंशन में बताया कि सार्थक एप की उपयोगिता बढ़ रही है. प्रदेश के नागरिकों के स्वास्थ्य सर्वे में यह एप महत्वपूर्ण सिद्ध होगा. कोविड मित्र की महत्वपूर्ण भूमिका होगी. समुदाय आधारित प्रयासों से सर्विलेंस आसान होगा. जिला प्रशासन ऐसे स्वैच्छिक कार्यकर्ताओं को शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड मित्र का दायित्व दे सकता है, जो 45 वर्ष की आयु से कम हों. इस कार्य में स्वैच्छिक संगठन भी जुड़ेंगे.

एनआईसी श्योपुर में उपस्थि प्रशासनिक अधिकारी

वीसी के दौरान एनआईसी श्योपुर में कलेक्टर राकेश कुमार श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय, सीईओ जिला पचायत हर्ष सिहं, अपर कलेक्टर एसआर नायर एवं विभिन्न विभागो के संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

30 वर्ष बीत चुके, लेकिन आज भी विकास से कोसों दूर है किशनगंज 

Next Post

संगठन विस्तार में जुटा PLFI का हार्डकोर नक्सली गिरफ्तार

Next Post
संगठन विस्तार में जुटा PLFI का हार्डकोर नक्सली गिरफ्तार

संगठन विस्तार में जुटा PLFI का हार्डकोर नक्सली गिरफ्तार

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d