नई दिल्ली: तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का प्रदर्शन जारी है. इसकी गूंज राजनीतिक पक्ष में तो है ही सुप्रीम कोर्ट भी इससे नहीं बचा है. कोर्ट ने तो यहां तक कह दिया कि यदि यह ऐसे ही जारी रहा तो राष्ट्रीय स्तर की समस्या बनते देर नहीं लगेगी. कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि सरकार अनौपचारिक तौर पर विभिन्न समूहों से बात कर रही है ताकि यह समस्या खत्म हो सके लेकिन जो किसानों के जरिए हमला कर रहे हैं उनपर बात करने का कोई मुद्दा नहीं बनता.
40 किसान यूनियन के साथ वार्ता के लिए केंद्र की ओर से कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, केंद्रीय राज्य मंत्री सोम प्रकाया व खाद्य मंत्री पीयूष गोयल अगुवाई कर रहे हैं. इनका कहना है कि ये तीनों कृषि कानून किसानों के हित में है और इसके लिए सरकार लिखित आश्वासन देने को तैयार है कि MSP और मंडी व्यवस्था जैसी है वैसे ही जारी रहेगी.
कृषि मंत्री ने उम्मीद जताई कि साल के खत्म होने से पहले किसानों की समस्या का समाधान हो जाना चाहिए. इसके लिए मोदी सरकार प्रतिबद्ध है. उन्होंने विपक्षी दलों पर किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाया और कहा कि किसानों के मुद्दों का राजनीतिकरण किया जा रहा है. उन्होंने कहा, हम लगातार किसान यूनियनों के साथ बातचीत कर रहे हैं. हम वार्ता के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं.

