उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिला कारागार के महिला बैरक में तीन महिला बंदियों के साथ निर्दोष बच्चे भी पल रहे हैं. इनमें सबसे दिलचस्प कहानी ढाई साल के किशन की है. हत्या के आरोप में उसके पिता के साथ दादी भी जेल में हैं. मां की हत्या के आरोप में बंद किशन की दादी ही उस पर ममता लुटा रही हैं. बैरक में दादी और पोते के प्यार को देख हर कोई निढाल रहता है.
दरअसल, बूढ़ी महिला बुधिया के जेल जाने पर ढाई साल के पोते किशन की देखभाल करने वाला कोई नहीं बचा. घर में ताला लटका हुआ है. ऐसे में बुधिया अपने साथ पोते को भी जेल लेकर चली गई. जहां दादी और पोता दोनों एक साथ रह रहे हैं.
हाड़कंपाती ठंड में रात में रोते किशन के लिए दूध लाना हो या फिर उसके गीले कपड़े बदलना हो, सब कुछ उसकी दादी ही करती हैं. देर रात तक उसे लोरी सुनाकर थपकियां देकर सुलाना भी अब किशन की दादी के रोजमर्रा कामकाज में शामिल है.
तीन बच्चों का एक साथ हो रहा पालन
जेल में इनके अलावा दहेज हत्या में ही वाराणसी की पूजा मिश्रा अपने डेढ़ साल के निर्दोष बेटे और आजमगढ़ की महिला किशन देवी अपने पांच साल के बच्चे के साथ सजा काट रही है. वरिष्ठ जेल अधीक्षक आरके मिश्रा ने बताया कि महिला बैरक में जितने भी छोटे बच्चे हैं उन्हें दूध, खिलौना, गरम कपड़े आदि की व्यवस्था जेल प्रशासन की तरफ से किया जा रहा है. आवश्यकता पड़ने पर पढ़ाई का भी खर्च उठाया जा रहा है.

