-
वातावरण में कंपन के साथ कीटाणु होते हैं नष्ट
रांची: घंटी, थाली व ताली बजाने के पीछे धार्मिक मान्यता के साथ-साथ वैज्ञानिक असर भी जुड़ा हुआ है.
वैज्ञानिकों का कहना है कि जब घंटी बजाई जाती है तो वातावरण में कंपन पैदा होता है, जो वायुमंडल में काफी दूर तक जाता है.
इस कंपन का फायदा यह है कि इसके क्षेत्र में आने वाले सभी कीटाणु व विषाणु आदि नष्ट हो जाते हैं, जिससे आसपास का वातावरण शुद्ध हो जाता है.
Also Read This: BREAKING: सुबह 5 बजे तक बढ़ाया गया जनता कर्फ्यू का वक्त
कोरोना से सतर्क रहने के संकेत के लिए घंटी, अब अच्छी शुरुआत के लिए थाली व कोरोना पर जीत के लिए ताली बजाएं.
धार्मिक नजरिये से देखा जाए तो मंदिरों में घंटी लगी होती है. यह घंटी ऐसी जगह पर लगाई जाती है कि मंदिर में आने-जाने वाला हर व्यक्ति इसका इस्तेमाल कर सके.
वहीं घर में अच्छी पहल या शुरुआत होने के अवसर पर थाली और ताली बजाई जाती है. इससे सकारात्मक माहौल बनता है. वहीं जीत के लिए भी उत्साह बढ़ाने के लिए ताली बजाई जाती है.
Also Read This: मोदी सरकार से CM नीतीश की अपील, बिहार आने वाली सभी फ्लाइट बंद की जाएं
राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ तिरुपति के ज्योतिषाचार्य डॉ. कृष्णकुमार भार्गव के अनुसार घंटी, थाली व ताली सकारात्मक उर्जा को प्रबल करने के लिए व जागरूक करने के लिए बजाई जाती है.
वहीं हिंदू धर्म में बच्चों के जन्म पर थाली बजाई जाती है. हथेलियों में सभी ग्रह होते है, ताली बजाकर सभी ग्रहों की सकारात्मकता ली जाती है.
वहीं देवालयों में घंटी इसलिए बजाई जाती है कि ताकि प्रत्येक मनुष्य के जीवन में सकारात्मकता फैले.
जानें धार्मिक महत्व
- काशी के पं. गणेश मिश्रा ने बताया कि संगीत रत्नाकर ग्रंथ के अनुसार त शब्द शिव के तांडव नृत्य और ल शब्द पार्वती का लास्य स्वरूप है. इनसे मिलकर ही ताली बनी है. इसलिए शिव और शक्ति के मिलाप पर सृजन और सकारात्मक ऊर्जा निकलती है.
- श्रीमद्भागवत के अनुसार, कीर्तन में ताली की प्रथा भक्त प्रह्लाद ने शुरू की थी क्योंकि, जब वे भगवान का भजन करते थे तो जोर-जोर से नाम संकीर्तन भी करते थे तथा साथ-साथ ताली भी बजाते थे. इसके बाद अन्य लोग भी उनकी तरह करने लगे. सामान्यत: हम किसी भी मंदिर में आरती के समय सभी को ताली बजाते देखते हैं और हम भी ताली बजाना शुरू कर देते हैं. ऐसा करने से हमारे शरीर को कई लाभ प्राप्त होते हैं.
जानें शंख बजाने के फायदे
डॉ. भार्गव के अनुसार, धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि समुद्र मंथन से 14 रत्नों की प्राप्ति हुई थी, उनमें से एक शंख भी था.
माना जाता है कि शंख से घर में सुख-समृद्धि आती है. सांस संबंधी और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों में शंख बजाना बेहद फायदेमंद होता है.
जानें वैज्ञानिक महत्व
हमारे शरीर के 29 एक्यूप्रेशर पॉइंटस हमारे हाथों में होते है. प्रेशर पॉइंट को दबाने से संबंधित अंग तक रक्त और ऑक्सीजन का संचार अच्छे से होने लगता है.
एक्यूप्रेशर के अनुसार, इन सभी दबाव बिंदु को सही तरीके से दबाने का सबसे सहज तरीका है ताली.
हथेली पर दबाव तभी अच्छा बनता है जब ताली बजाते हुए हाथ लाल हो जाए, शरीर से पसीना आने लगे.
इससे आंतरिक अंगों में ऊर्जा भर जाती है और सभी अंग सही ढंग से कार्य करने लग जाते है.

