नई दिल्ली: 9 जनवरी 2021 को भारत सरकार ने कोरोना वैक्सीनेशन के लिए 16 जनवरी की तारीख तय कर दी है. उसी दिन से पूरे देश में कोरोना वैक्सीनेशन का कार्यक्रम शुरू हो जाएगा. इसी संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा, ’16 जनवरी को, भारत कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाने जा रहा है. इस दिन से, भारत का राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान शुरू होगा. हमारे बहादुर डॉक्टरों, हेल्थकेयर वर्कर्स, सफाई कर्मचारियों सहित फ्रंटलाइन कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाएगी.’
कोरोना वैक्सीनेशन की शुरूआत के लिए 16 जनवरी ही क्यों चुना?
भारत में 14 और 15 जनवरी को पूरे देश में त्योहारों का दिन होता है जैसे मकर संक्रांति, लोहड़ी, पोंगल, माघ बिहु. यानि पूरे देश में उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम में कोई न कोई त्योहार होता ही है. इसीलिए 16 जनवरी को चुना गया ताकि लोग अपने अपने त्योहारों को मनाने के बाद कोरोना वैक्सीनेशन प्रोग्राम में शामिल हो सकें.
क्या है किसको मिलेगा सबसे पहले कोरोना वैक्सीन?
सबसे पहले कोरोना टीकाकरण अभियान में भारत के हेल्थ और फ्रंट लाइन वर्कर्स को शामिल किया जाएगा क्योंकि कोरोना की लड़ाई में पहली पंक्ति के सिपाही यही लोग हैं जिन्होंने अपनी जान पर बाजी लगाकर देश को कोरोना से बचाने की कोशिश की और कर रहे हैं. ये हैं हमारे डॉक्टर्स , नर्सेज , हेल्थ वर्कर्स और सफाई कर्मचारी गण और देश में इनकी संख्या है 3 करोड़. इसीलिए सबसे पहले इन्हें ही वैक्सीन की डोज दी जाएगी.
दूसरी पंक्ति में हैं भारत के 50 साल से ज्यादा उम्र के लोग. साथ ही 50 साल से कम उम्र के वो लोग भी शामिल हैं जो गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं जिन्हें इसकी सख्त जरुरत है. इस पंक्ति में शामिल हैं देश के 27 करोड़ लोग. इसका मतलब कोरोना वैक्सीनेशन प्रोग्राम के पहले पड़ाव में 30 करोड़ लोगों को टारगेट किया जा रहा है.
डोज क्या होगा ?
कोरोना वैक्सीन के दो डोज होंगे और इन दोनों डोज में 28 दिन का अंतर होगा . ध्यान देने की बात है कि सभी को दो डोज लगाने ही होंगे, तभी वैक्सीन का पूरा शेड्यूल पूरा होगा. किसी भी हालत में एक डोज लेकर दूसरी डोज लेने को आप छोड़ नहीं सकते हैं.
भारत में कौन सा कोरोना वैक्सीन दिया जाएगा?
भारत में ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की कोविशील्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए मंजूरी दी गई है. भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दोनों वैक्सीन को सुरक्षा एवं प्रभाव के मामले में पोख्ता बताया है. इन दोनों वैक्सीन का सक्सेस रेट 70 फीसदी है .
भारत में कोरोना वैक्सीनेशन का सिस्टम क्या होगा?
भारत में वैक्सीन के लिए को-विन ऐप सिस्टम बनाया गया है. इस ऐप में वैक्सीन से जुड़ी सभी जानकारी उपलब्ध होगी. वैक्सीन रजिस्ट्रेशन से लेकर, वैक्सीन लगवाने वालों , डोजों, स्टोरज, वेरिफिकेशन सभी की जानकारी उपलब्ध होगी.
वैक्सीन लगवा चुके लोगों को एक डिजिटल सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा. अब तक लगभग 80 लाख से ज्यादा लोग इस पर रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं. मतलब साफ है कि वैक्सीन लगवाने के लिए इस ऐप के माध्यम से ही रजिस्ट्रेशन करवाना होगा और आगे की सभी प्रक्रियाओं की जानकारी भी इसी ऐप में उपलब्ध होगा.
हेल्थ मिनिस्ट्रीकी क्या है तैयारी?
हेल्थ मिनिस्ट्री कोरोना वैक्सीनेशन प्रोग्राम को अंजाम देने के लिए 61 हजार से ज्यादा प्रोग्राम मैनेजर, 2 लाख टीका लगाने वाले लोग और 3.7 लाख अन्य सहायक सदस्य को सोर्टलिस्ट कर चुकी है. अब तक कोरोना वैक्सीनेशन प्रोग्राम को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए तीन बार ड्राई रन हो चुका है.
इसके तहत देश के सभी 33 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को कवर किया गया है. हेल्थ मिनिस्ट्री का ये भी कहना है कि पूरी प्रक्रिया जन भागीदारी के सआधार पर चलेगी. इसमें चुनाव आयोग की बूथ स्ट्रेटजी और यूनिवर्सल इम्युनाइजेशन प्रोग्राम के तजुर्बों को इस्तेमाल किया जाएगा.
आखिर में 16 जनवरी को भारत में दुनियां का सबसे बड़ा कोरोना वैक्सीनेशन प्रोग्राम शुरू हो रहा है और हम आशा करते हैं कि भारत का ये विशाल और कठिन कार्यक्रम सफलता पूर्वक संपन्न हो और भारत जल्द ही कोरोना से मुक्त हो. लेकिन वैक्सीन के बाद भी सावधानी बरतनी ही होगी अर्थात मास्क लगाना ही होगा , दो गज की दूरी बनाए रखनी होगी और बार बार साबुन से हाथ धोना ही पड़ेगा. हम और आप इन तीन बातों को कभी नहीं भूलें इसी में हम सबका भला है.

