BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

जानिए कौन है पवन जल्लाद जो देगा निर्भया के दोषियों को फांसी

by bnnbharat.com
March 2, 2020
in Uncategorized
जानिए कौन है पवन जल्लाद जो देगा निर्भया के दोषियों को फांसी

जानिए कौन है पवन जल्लाद जो देगा निर्भया के दोषियों को फांसी

Share on FacebookShare on Twitter

रांची: निर्भया रेप-मर्डर कांड के चारों गुनहगारों को फांसी देने के लिए मेरठ से पवन जल्लाद को बुलाया गया है. उसकी चार पीढियां जल्लाद का काम करती रही हैं. उसके पिता कालू जल्लाद देश के जाने माने जल्लाद थे. इंदिरा गांधी के हत्यारों को सूली पर फंदे से लटकाने का काम उन्होंने किया था.

पटियाला कोर्ट ने निर्भया के चारों गुनहगारों के खिलाफ डेथ वारंट जारी कर दिया है. इन चारों को फांसी देने का काम पवन जल्लाद करेगा, जिसकी चार पीढ़ियां यही काम करती रही हैं. वो उत्तर प्रदेश सरकार की मेरठ जेल से जुड़ा अधिकृत जल्लाद है. उसे हर महीने एक तय रकम वेतन के रूप में भी मिलती है.

शहर में साइकिल पर कपड़ा बेचने का भी काम करता है पवन

पवन जल्लाद मेरठ का रहने वाला है. कई पीढ़ियों से वो इसी शहर में रह रहा है. हालांकि इस शहर में उसे शायद ही कोई पहचानता हो. पार्ट टाइम में वो इस शहर में साइकिल पर कपड़ा बेचने का का काम करता है. करीब दो तीन साल पहले जब निठारी हत्याकांड के दोषी ठहराए सुरेंद्र कोली को फांसी दी जाने वाली थी, तो उसके लिए पवन को ही मुकर्रर किया गया था. बाद में वो फांसी टल गई.

पवन इस समय करीब 56 साल के हैं. फांसी देने के काम को वो महज एक पेशे के तौर पर देखते हैं. उनका कहना है कि कोई व्यक्ति न्यायपालिका से दंडित हुआ होगा और उसने वैसा काम किया होगा, तभी उसे फांसी की सजा दी जा रही होगी, लिहाजा वो केवल अपने पेशे को ईमानदारी से निभाने का काम करता है.

फांसी के काम में दादा की मदद करता था पवन

हालांकि इस काम से जुड़े हुए उसे चार दशक से कहीं ज्यादा हो चुके हैं. जब वो किशोरवय में था तब अपने दादा कालू जल्लाद के साथ फांसी के काम में उन्हें मदद करता था. कालू जल्लाद ने अपने पिता लक्ष्मण सिंह के निधन के बाद 1989 में ये काम संभाला था.

कालू ने अपने करियर में 60 से ज्यादा लोगों को फांसी दी. इसमें इंदिरा गांधी के हत्यारों सतवंत सिंह और केहर सिंह को दी गई फांसी शामिल है. उन्हें फांसी देने के लिए कालू को विशेष तौर पर मेरठ से बुलाया गया था. इससे पहले रंगा और बिल्ला को भी फांसी देने का काम उसी ने किया था.

पवन ने पहले अपने दादा और फिर पिता से फांसी की टेक्निक सीखी. रस्सी में गांठ कैसे लगनी है. कैसे फांसी देते समय रस्सी को आसानी से गर्दन के इर्द-गिर्द सरकाना है. कैसे रस्सी में लूप लगाए जाने हैं. कैसे फांसी का लीवर सही तरीके से काम करेगा. फांसी देने के पहले कई दिन ड्राई रन होता है, जिसमें फांसी देने की प्रक्रिया को रेत भरे बैग के साथ पूरा करते हैं. कोशिश ये होती है कि जिसे फांसी दी जा रही हो, उसे कम से कम कष्ट हो.

वैसे पवन फांसी देने की ट्रेनिंग के तौर पर एक बैग में रेत भरते हैं और उसका वजन मानव के वजन के बराबर होता है. इसी को रस्सी के फंदे में कसकर वो ट्रेनिंग को अंजाम देते हैं. बार-बार प्रैक्टिस इसलिए होती है कि जिस दिन फांसी देनी हो, तब कोई चूक नहीं हो.

पवन का परिवार सात लोगों का है. हालांकि ये तय है कि उनका बेटा जल्लाद नहीं बनने वाला, क्योंकि वो ये काम नहीं करना चाहता. बेटा एक दो साल पहले तक सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा था.

मेरठ जेल से पवन को हर महीने 3000 रुपए पगार के रूप में मिलते हैं. उसका घर मेरठ शहर के बाहर बसे उपनगरीय इलाकों में है.

जब वो कपड़ों का गट्ठर साइकिल के पीछे रखकर आवाज लगाते हुए मेरठ के मोहल्लों में निकलता है, तो औरतें उसे बुलाती हैं, मोलभाव करती हैं, वो चाव से उन्हें कपड़े दिखाता है, तब उससे कपड़े खरीदने वाली भीड़ को अंदाज भी नहीं होता कि वो जिससे कपड़ा खरीद रही हैं, वो देश के चंद जल्लादों में एक है. उसकी चार पीढियां इसी काम से जुड़ी हैं.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

रूपये मांगने और खराब व्यवहार करने पर दरोगा एवं 3 सिपाही निलंबित

Next Post

दहेज और घरेलू हिंसा मामला: पति ने दिया पत्नी को तीन तलाक, FIR दर्ज

Next Post
दहेज और घरेलू हिंसा मामला: पति ने दिया पत्नी को तीन तलाक, FIR दर्ज

दहेज और घरेलू हिंसा मामला: पति ने दिया पत्नी को तीन तलाक, FIR दर्ज

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d