रांची: आज कोजागरी लक्खी पूजा है. इस दिन घर – घर मां लक्खी की पूजा कर घर में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की जाती है. प्रत्येक वर्ष बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ घरों में और पंडालों में मां लक्ष्मी की पूजा राज्य भर में की जाती है. हालांकि इस बार परिस्थितियां काफी अलग हैं. कोरोना काल है और इसी बीच सभी त्योहारों की तरह मां लक्ष्मी की पूजा भी घर में ही की जाएगी.
शाम 5:47 बजे पूर्णिमा आरंभ होगा और शनिवार रात 8:21 बजे समाप्त होगा. धार्मिक मान्यता के अनुसार, शरद पूर्णिमा सभी पूर्णिमा तिथियों में से सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दिन धन, वैभव और ऐश्वर्य की प्राप्ति के लिए मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है. श्रद्धालु इस दिन व्रत रखते हैं. इस पूर्णिमा को कोजागरी पूर्णिमा या कोजागरी लक्ष्मी पूजा भी कहते हैं.
पौराणिक मान्यता के अनुसार शरद पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी का अवतरण हुआ था. इस दिन खासतौर पर रात को चावल की खीर बनाकर चंद्रमा के नीचे रखा जाता है. ऐसा कहा जाता है कि इस दिन अमृतवर्षा होती है. इसलिए चंद्रमा के नीचे रखी खीर खाने से कई प्रकार की परेशानियों व रोगों से मुक्ति मिलती है. इस दिन मां लक्ष्मी की भी पूजा का विशेष महत्व है. श्रद्धालु मां लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित कर उनको आमंत्रित करते हैं. ताकि उनके यहां सालभर धन, वैभव की कोई कमी न हो. बंगाली समुदाय इस पर्व को लक्खी पूजा के रूप में मनाते है.

