चतरा: झारखंड के श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण मंत्री ने मानवता का एक बार फिर परिचय दिया है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से मिली सूचना के आधार पर रेडक्रॉस सोसायटी भवन में संचालित ब्लड बैंक में अचानक पहुंचकर ना सिर्फ खुद रक्तदान किया, बल्कि आज के आधुनिक समाज में संकुचित मानसिकता रखने वाले लोगों को भी बड़ा संदेश दिया है.
दरअसल चतरा विधायक सह मंत्री सत्यानंद भोक्ता को सूचना मिली थी कि सदर अस्पताल में इलाजरत थैलेसीमिया पीड़ित मरीज बच्चे को खून की सख्त आवश्यकता है. बताते हैं मरीज को त्वरित खून न मिला होता तो किसी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता. इस सूचना पर मंत्री ब्लड बैंक पहुंचे और अपना खून देकर न सिर्फ पीड़ित बच्चे की जान बचाई, बल्कि रेडक्रॉस के अधिकारियों और सदस्यों का मनोबल भी बढ़ाया.
मौके पर मंत्री ने कहा कि जहां एक ओर आज पूरा देश वैश्विक महामारी के संकट से जूझ रहा है. वहीं दूसरी ओर इस विकट स्थिति में अपनी जान जोखिम में डालकर जिंदगी की आस छोड़ चुके जरूरतमंदों को मुफ्त खून देकर नई जिंदगी देने वाले रक्त वीर और ब्लड बैंक के साथ-साथ रेडक्रॉस सोसाइटी के अधिकारी और सदस्य योद्धा से कम नहीं है. मंत्री ने कहा है कि सरकार हमेशा योद्धाओं के साथ खड़ी है. रेडक्रॉस के सदस्य और अधिकारी कोरोना काल की घड़ी में अच्छा काम कर रहे हैं. जरूरत पड़ी तो इन्हें सरकार मदद भी करेगी.
गौरतलब है कि सदर अस्पताल में इलाजरत थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे के उपचार के लिये चिकित्सकों ने खून की मांग की थी. जिसके बाद पीड़ित बच्चे के परिजनों ने ब्लड बैंक से खून उपलब्ध कराने की गुहार लगाई. खून की अनुपलब्धता को देखते हुए सोसायटी के सदस्यों ने आम लोगों से सोशल मीडिया के माध्यम से ब्लड बैंक पहुंचकर स्वैच्छिक रक्तदान करने की अपील की. इसी सूचना पर मंत्री सत्यानंद भोक्ता रेडक्रॉस पहुंचे और अपना रक्तदान किया.

