चतरा: दो दिवसीय दौरे पर चतरा पहुंचे सूबे के श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने केंद्र सरकार पर राज्य के बाहर फंसे मजदूरों और छात्रों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है. उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह करते हुए कहा कि मजदूरों और छात्रों को वापस लाने में केंद्र सरकार को अविलंब अपनी दिलचस्पी दिखानी चाहिए. इसी का परिणाम है कि छात्र और मजदूर आज भी दूसरे राज्य में लॉक डाउन के कारण फंसे हैं.
मंत्री ने कहा है कि राज्य सरकार ने कई बार केंद्र सरकार से इन्हें वापस लाने की अनुमति मांगी है लेकिन केंद्र सरकार के द्वारा अब तक कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है. दूसरी ओर उन्होंने कहा कि राज्य में खाद्यान्न की कमी नहीं है, सरकार कोरोना से जंग के लिए पूरी तरह मुस्तैद है.
सत्यानंद भोक्ता ने चतरा में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि झारखंड के जो बच्चे कोटा में फंसे हुए हैं उन्हें लाने के लिए राज्य सरकार प्रयास कर रही हैं. इस बाबत केंद्र सरकार को कई बार इस मामले में पत्र भी लिखा है. उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार से अनुमति मिलने के बाद राजस्थान के कोटा में फंसे झारखंड के सभी छात्र-छात्राओं को अपने घर झारखंड ले आया जाएगा.
मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की अनुमति मिलने के साथ ही दूसरे प्रदेशों में फंसे मजदूरों को भी झारखंड लाया जाएगा. उन्होंने बताया कि झारखंड के वैसे मजदूर जो दूसरे राज्यों में फंसे हैं. उनके बैंक खातों में प्रत्येक व्यक्ति को दो हजार रुपये भेजे जा रहे है। ताकि किसी को परेशानी न हो. अब तक तकरीबन एक लाख 11 हजार पांच सौ मजदूरों के खाते में रुपए भेजे जा चुके हैं.
श्रम मंत्री ने कहा कि वैश्विक महामारी से निपटने के लिए सभी गांव, सभी पंचायत मुख्यालय व जरूरत के अनुरूप मुख्यमंत्री दीदी किचन की शुरुआत की गई है. मंत्री ने आमलोगों से घरों में रहकर कोरोना से जंग में सरकार की मदद करने की अपील की है. कहा है कि कोरोना से बचने के लिए बचाव और सोशल डिस्टेंसिंग ही सर्वोत्तम साधन है.

