बिहार(लखीसराय): ल़ॉकडाउन में लोगों के काम ठप पड़ गए हैं. ऐसे में प्रवासी मजदूर के लिए रोटी के लाले पड़ गए हैं. केंद्र अथवा राज्य सरकारों ने प्रवासी मजदूरों के लिए स्पेशल ट्रेन चलाई है, लेकिन काफी लोगों का नंबर भी नहीं आया है.
ऐसे में साइकिल पर निकल पड़े घर की तरफ बुधवार की दोपहर 2:00 बजे लखीसराय विद्यापीठ चौक पर साइकिल से आज से 10 की संख्या में लोग पहुंचे जो सोमवार को दिल्ली से अपने गृह जिला भागलपुर के लिए निकले थे.
इन मजदूरों ने बताया कि हम लोग दिल्ली में फैक्ट्री में काम करते थे. लॉकडाउन के कारण काम बंद पड़ गया. ऐसे में जब खाने के लिए पैसे नहीं बचे तो हम वहां क्या करते, मरते तो नहीं.
उन्होंने कहा कि सरकार तो बैठे-बैठे कह रही है कि बार-बार साबुन से हाथ धोये पर पेट का क्या करें. सरकार को लॉकडाउन से पहले मजदूरों के बारे में सोचना चाहिए था. हम गरीब 10 से 15 दिन गुजारा कर लिए पर उसके बाद क्या करते. हम लोग दिल्ली से निकले तो लाठी खाई. मकान मालिक किराया मांगता था. पानी चलाने के लिए कहने पर गाली देता था, तो क्या करते हम साइकिल से ही निकल कर अपने घरों की तरफ चल दिए.

