रांची:- चारा घोटाले के चार मामलों के सजायाफ्ता राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका पर शुक्रवार, को झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई होगी. लालू की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल अदालत में उनकी जमानत अर्जी पर दलीलें पेश करेंगे. जबकि लालू की जमानत के विरोध में सीबीआइ पुरजोर तरीके से कोर्ट में अपना पक्ष रखेगी. यह मामला उच्च न्यायालय में जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है. इधर लालू परिवार को अबकी बार राजद अध्यक्ष को जमानत मिलने की पूरी उम् मीद में भगवान और अल्लाह की भक्ति में जुटा है. लालू के छोटे बेटे और बिहार के नेता प्रतिपक्ष
तेजस्वी यादव ने बीते दिन बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर में भगवान
भोलेनाथ का दर्शन-पूजन कर पिता की रिहाई की कामना की. तेजस्वी ने कामाख् या मंदिर में भी पिता की सलामती के लिए पूजा-पाठ किया. वहीं बेटी रोहिणी ने इससे पहले रमजान के मुबारक मौके पर अपने पिता लालू प्रसाद यादव की अच्छी सेहत
और जेल से रिहाई के लिए रोजा रखने की घोषणा की थी. रोहिणी ने ट्विटर पर अपने संदेश में लिखा था कि रमजान का पाक महीना शुरू हो रहा है, इस साल हमने भी फैसला किया है कि पूरे महीने अपने पापा के सेहतयाबी और सलामती के लिए रोजा रखूंगी. पापा की हालत में सुधार हो और जल्दी न्याय मिल सके, इसकी भी दुआ करुंगी. सीबीआइ की ओर से यह तर्क किया जा रहा है कि उन्हें एक मामले में 14 साल की सजा मिली है. सीबीआइ की विशेष अदालत ने अपने सजा आदेश में स्पष्ट कहा है कि दोनों सजाएं एक के बाद एक चलेंगी. इस लिहाज से लालू की आधी सजा की अवधि सात साल की होती है. जिसे पूरा होने में अभी 3 साल से अधिक का वक्त है. लालू को इन हालात में जमानत कैसे दी जा सकती है. लालू के वकील कपिल सिब्बल ने सीबीआइ पर लालू को जेल से नहीं निकलने देने के लिए सुप्रीम कोर्ट से स्थगन आदेश लाने की आशंका जाहिर की है .

