रांची: अरबों रुपये के बहुचर्चित चारा घोटाले मामले में सजायाफ्ता राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होनी है. झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह की अदालत में सुनवाई के लिए याचिका को सूचीबद्ध किया गया है.
दुमका कोषागार से अवैध निकासी मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने उन्हें दोषी मानते हुए 7 साल की सजा दी है. सजा के दौरान इलाज के लिए लालू को रिम्स के केली बंगले में रखा गया है. लालू की ओर से याचिका में बताया गया है कि आधी सजा पूरी कर ली गई है, इसलिए उन्हें जमानत दी जाए. इसके अलावा उन्होंने अपनी बीमारी का भी हवाला दिया है.
लालू प्रसाद के अधिवक्ता की ओर से कोर्ट में अर्जी देकर मामले की जल्द सुनवाई का आग्रह किया गया है, लेकिन बताया गया है कि उनकी याचिका सूची में सीरियल नंबर 17 और 18 पर लगा हुआ है. ऐसे में अगर हाईकोर्ट में सुनवाई टली तो लालू प्रसाद को जमानत याचिका की सुनवाई के लिए इंतजार करना होगा.
दीपावली और छठ की छुट्टी
चारा घोटाला के मामले के लिए झारखंड हाई कोर्ट में एक सक्षम बेंच को गठित किया गया है. उस बेंच की सुनवाई सप्ताह के प्रत्येक शुक्रवार को ही की जाती है. 6 नवंबर को शुक्रवार है और अगर सुनवाई टल जाती है तो, अगले शुक्रवार 13 नवंबर और 20 नवंबर को हाईकोर्ट में दीपावली और छठ की छुट्टी है. ऐसे में अगले 2 सप्ताह उनकी याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकेगी और जमानत याचिका पर अगली सुनवाई 27 नवंबर को हो सकती है.फिलहाल सभी की नजरें अदालत पर टिकी हुई हैं.
गौरतलब है कि लालू प्रसाद को चारा घोटाले के 5 मामलों में आरोपी बनाया गया है, जिसमें से चार मामले में सजा दी गई है. देवघर और चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी के दो मामले में उन्हें हाई कोर्ट से पूर्व में जमानत मिली हुई है, एक अन्य मामले में वर्ष 2013 में ही जमानत मिल चुकी है, जबकि दुमका कोषागार निकासी मामले में जमानत याचिका पर आज सुनवाई होगी. वहीं डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी मामले पर सीबीआई की अदालत में सुनवाई चल रही है.

