पेइंग वार्ड-11 के ईद-गिर्द त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था
रांची: राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के पास आसानी से मोबाइल फोन पहुंच जाने और रांची के रिम्स निदेशक के केली बंगले में रहने के दौरान अनेक पार्टी नेताओं-कार्यकर्ताओं के उनतक पहुंच जाने की खबर को जेल प्रशासन ने गंभीरता से लिया है.
इस बीच लालू प्रसाद और बिहार के भाजपा विधायक ललन पासवान के बीच हुई बातचीत का एक कथित वीडियो वायरल होने के मामले में रांची जेल प्रशासन की ओर से अपनी रिपोर्ट उपायुक्त को सौंप दी गयी है. इस रिपोर्ट में मोबाइल फोन लालू प्रसाद तक पहुंचने के अंदेशा के लिए सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों को जिम्मेवार माना हैं. वहीं जेल प्रशासन ने इसे लालू प्रसाद की सुरक्षा में बड़ी चूक भी बताया है.
ऑडियो वायरल होने और जेल प्रशासन की रिपोर्ट के बीच ही लालू प्रसाद को केली बंगले से एक बार फिर से रिम्स के पेइंग वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है. पेइंग वार्ड -11 के ईद-गिर्द त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गयी है. पहली सुरक्षा पेइंग वार्ड के मेन गेट पर की गयी है, जबकि दूसरी सुरक्षा वार्ड के अंदर और तीसरी सुरक्षा व्यवस्था कमरे के बाहर की गयी है.
वहीं लालू प्रसाद यदि टहलने के लिए कमरे से बाहर निकलेंगे, उस वक्त भी सुरक्षाकर्मी मौजूद रहेंगे. लालू प्रसाद की सुरक्षा की जिम्मेवारी डीएसपी स्तर के अधिकारी को दी गयी है, जबकि समय-समय पर एसएसपी और सिटी एसपी भी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेंगे. आरजेडी सुप्रीमो की सुरक्षा में तीन दर्जन से अधिक पुलिस कर्मियों की तैनाती की गयी है.
जेल मैनुअल के तहत लालू प्रसाद से रिम्स के चिकित्सकों को छोड़कर किसी अन्य को मिलने की अनुमति नहीं है, हालांकि सप्ताह में एक दिन शनिवार को तीन लोगों को लालू प्रसाद से मिलने की अनुमति दी जा सकती है. लेकिन पेइंग वार्ड नंबर-11 के ईद-गिर्द अभी सुरक्षा कर्मी को भी फटकने तक नहीं दे रहे हैं.

