उन्नाव: उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व और सर्वे विभाग के अधिकारियों और भू माफिया की मिली भगत से हो रही है. ऐसा ही एक मामला सामने आया है उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिला से जहाँ भू माफिया सरकारी जमीन को निजी बता के गैर कानूनी ढंग से उसकी खरीद फ़िरोत कर रहे हैं. चौकाने वाली बात ये है कि इस गैर कानूनी धंधे का हिस्सा राजस्व और सर्वे विभाग के कई आला अधिकारी भी हैं. यह सरकारी जमीन कानपुर से सटे कटरी पिपरखोरा की है जहाँ मंदिर के पास की बहुमूल्य सरकारी जमीन जिसकी पंजीकृत संख्या 1346ज है उसे निजी बात के भू माफिया न कि सिर्फ एक बल्कि 2 बार बेच चुके हैं. 2006 में जब सहायक भू अभिलेख अधिकारी ने जब जांच कराई तब जमीन की खतौनी में 72 त्रुटियों मिली जिसके बाद उन्होंने ने उस खतौनी को रद्द कर दिया.13 साल पहले ही ख़ारिज जमीन जो कि ग्राम समाज को सौप दी गयी थी उसे मिली जुली तरीके से कागजी तौर निजी बना के भू माफिया अपने तरीके से उसकी खरीद बेच कर निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया.
मंदिर के महंत ने इस बात की सूचना पुलिस और तहसील प्रशाशन को दी फिर भी न तो कोई करवाई हुई और न ही कार्य रोकी गयी. इस निर्माण कार्य की शिकायत दर्ज करवाने के पश्चात जब शिकायतकर्ता ने फोन कर के प्रतिपुष्टि ली तो एस डी एम ने सरकारी जमीन संख्या 1346ज को निजी बताते हुए झल्लाये हुए ढंग से फोन काट दिया.

