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रक्त रंजित होती सड़कें: झारखंड में पिछले वर्ष 5217 दुर्घटनाएं, 3801 लोग समा गये काल के गाल में

by bnnbharat.com
December 2, 2020
in समाचार
रक्त रंजित होती सड़कें: झारखंड में पिछले वर्ष 5217 दुर्घटनाएं, 3801 लोग समा गये काल के गाल में
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-मरने वालों में पुरूषों की संख्या ज्यादा

-ड्रंक एंड ड्राइव में झारखंड दूसरे नंबर पर

रांची: झारखंड में तमाम कोशिशों के बावजूद दुर्घटनाओं में कमी नहीं आ रही है. झारखंड में अब तक 5217 मामले सामने आये हैं. इनमें 3801 लोगों ने जान गवायीं. इनमें 3379 पुरूष व 422 महिलाएं शामिल हैं. जबकि, रांची में दुर्घटनाओं के 354 मामले सामने आये हैं. ये एनसीआरबी की रिपोर्ट है. रिपोर्ट के अनुसार एक्सप्रेस-वे पर मरनेवालों में झारखंड छठे नंबर पर है. पूरे देश में एक्सप्रेस-वे पर मरने वाले आंकड़ों में उत्तर प्रदेश सबसे ऊपर है. जबकि, दूसरे नंबर पर है. महाराष्ट्र में मरने वाले 12%, हरियाणा 7.5%, राजस्थान 6.6%, प बंगाल 5.7% है. वहीं,  झारखंड में मरने वालों का प्रतिशत 4.8% है.

ड्रंक एंड ड्राइव करने वालों में झारखंड का दूसरा स्थान:

पीकर ड्राइविंग करने वालों में झारखंड प्रदेश में दूसरे स्थान पर है. पूरे देश में शराब पीकर ड्राइव करने वाले मौतों में उत्तर प्रदेश 28.6% के साथ सबसे आगे है जबकि, झारखंड 13.9% के साथ दूसरे स्थान पर है.

सड़क दुर्घटना में मरने वालों में मोटरसाइकिल चलाने वालों की संख्या अधिक:

झारखंड में सबसे ज्यादा टू व्हीलर चलाने वाले लोग ही हैं. इस वजह से इसमें मरने वालों की संख्या भी अधिक है. 2019 के आंकड़ों के हिसाब से पूरे राज्य में 1,949 लोगों ने टू व्हीलर्स की वजह से अपनी जान गवायी हैं. वहीं, कार के वजह से 557 लोगों ने, जीप से मरने 131, ट्रैक्टर से 32, तीन पहिया या ऑटो से 251 लोगों ने अपनी जान गवायी.

इन महीनों में होता है सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं:

आंकड़ों की मानें तो झारखंड में जनवरी, फरवरी, मार्च और अप्रैल के महीनों में सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटना के मामले सामने आये हैं. रांची की बात की जाए तो जनवरी में 31 मामले, फरवरी में 29 मामले, मार्च में 27 मामले और अप्रैल में 30 मामले आये हैं.

वर्ष 2019 में देश भर में 4.67 लाख दुर्घनाएं हुई:

एनसीआरबी के आंकड़ों के हिसाब से वर्ष 2019 में पूरे देश भर में 4,67,171 दुर्घटना के मामले सामने आये हैं. जिसमें 4,37,996 सड़क दुर्घटना के मामले रिपोर्ट किए गए. जिसमें से 4,39,262 लोग घायल हुए और 1,54,732 लोगो की मृत्यु हो गयी. पूरे देश भर में 38% मामले दो पहिया के थे. इसमें ज्यादातर दुर्घटना ओवर स्पीडिंग के कारण हुआ. जिसमें से 86,241 लोगों की मृत्यु हुई और 2,71,581 लोग इससे घायल हुए.

ग्रामीण क्षेत्रों में होते हैं अधिक दुर्घटनाएं:

पूरे भारत में 59.5% (2,60,379) सड़क दुर्घटना के मामले ग्रामीण क्षेत्रों में रिपोर्ट किये गये. जबकि 40.5% (1,77,017) सड़क दुर्घटना के मामले शहरी क्षेत्र में रिपोर्ट किए गए.

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