धनबाद:- धनबाद के भूली में सोमवार को बाबू जगजीवन राम की 113 वी जयंती काफी धूमधाम से मनाया गया. जहां पहले बाबू जगजीवन राम के प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया, वंही थोड़ी रात होते ही सारे संकल्प वादे भुलाकर लौंडा नाच शुरू हो गया. संस्कृति के नाम पर बाबू जगजीवन राम के आदर्श पर चलने के बजाय युवाओ के बीच लौंडा नाच दिखा कर बाबू जगजीवन राम स्मृति समिति के सदस्य कैसी संस्कृति परोस रहे हैं बड़ा सवाल पैदा हो रहा है. इस दौरान कोरोना गाइडलाइन का भी धज्जिनया उड़ाया गया है. लगता है प्रशासन की आंखों में भी महापुरुष के नाम पर आयोजन कराकर लौंडा नाच का मजा लेकर धूल झोंका गया है.
