रांची : नेता प्रतिपक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि मोटरयान संशोधन बिल एक खतरनाक कदम है. इससे स्थिति भयावह होते जा रही है. यह कानून पूरी तरह से जनता पर जबरदस्ती थोपा गया है. किसी की भी राय नहीं ली गई है. एक गरीब के वेतन के बराबर चालान काटा जा रहा है. दस-दस हजार रुपये का चालाना कट रहा है. नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि मान लीजिए किसी का वेतन 10 हजार ही है तो वह महीने भर खाएगा क्या? एक ओर सरकार गरीबी समाप्त करने का दावा कर रही है, दूसरी और इस तरह से कानून लाकर गरीबों को झकझोरने का काम कर रही है, लोगों में इस बिल को लेकर भारी आक्रोश भी है. दूसरी बात यह है कि इस कानून को लागू करने से पहले कोई होमवर्क भी नहीं किया गया. यह पूरी तरह से अव्यवहारिक है. झामुमो इस कानून का पुरजोर विरोध करता है. इस बिल को अविलंब वापस लिया जाना चाहिए.
पुलिस ने बना लिया है हथियार : विनोद
झामुमो के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि इस कानून की आड़ में पुलिस ने इसे हथियार बना लिया है, जब चाहे जैसे चाहे किसी के साथ अभद्र व्यवहार करने से भी नहीं चूक रही. किसी का कॉलर पकड़ा जा रहा है तो किसी को अपशब्द भी बोला जा रहा है. सरकार का यह निर्णय पूरी तरह से अव्यवहारिक है. इस तरह का निर्णय किन परिस्थितयों में लिया गया और इसके क्या परिणाम होंगे इसके बारे में सरकार ने तनीक भी चिंता नहीं की. इस कानून को अविलंब वापस लिया जाना चाहिए, नहीं तो सरकार को भारी आक्रोश का सामना करना पड़ेगा.
सरकार गरीबी को कुचलने में लगी है :अभिषेक
झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता अभिषेक ने कहा कि कानून वैसा होना चाहिए जो जनता के हित में हो. यह पूरी तरह से काला कानून है. सरकार गरीबी को कुचलने में लगी है. पूरा शहर अस्त व्यस्त हो गया है. ट्रैफिक सिगनल काम नहीं करता है. हर चौक चौराहे पर जाम की स्थिति बनी हुई रहती है. इसकी फ्रिक छोड़कर पुलिस प्रशासन चालान काटने में व्यस्त है. जनता को सुविधा के नाम पर कुछ नहीं मिल पा रहा है. जुर्माने का खौफ इस कदर बढ़ गया है कि गरीब अपने दो रोटी के बारे में सोंचने लगे हैं. सभी ओर अव्यवस्था का माहौल है.

