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जानें क्या है कोरोना वायरस और इसके लक्षण एवं बचाव के उपाय

by bnnbharat.com
February 6, 2020
in समाचार
जानें क्या है कोरोना वायरस और इसके लक्षण एवं बचाव के उपाय

जानें क्या है कोरोना वायरस और इसके लक्षण एवं बचाव के उपाय

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कोरोना वायरसः

कोरोना वायरस चीन के वुहान शहर से निकलकर महीने भर के भीतर दुनिया के 20 से भी ज़्यादा देशों में पहुंच गया है.

विशेषज्ञ आशंका जता रहे हैं कि ये वायरस और फैलकर पहले से कहीं अधिक लोगों को अपनी चपेट में ले सकता है.

हालांकि कोरोना वायरस को अभी तक एक वैश्विक महामारी घोषित नहीं किया गया है.

लेकिन दुनिया भर की सरकारें इस संभावना को लेकर तैयारी कर रही हैं कि ये अगली वैश्विक महामारी हो सकती है.

महामारी शब्द ऐसी संक्रामक बीमारी के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जिसके ख़तरे का एक ही समय में दुनिया भर के लोग सामना कर रहे होते हैं.

साल 2009 में फैले स्वाइन फ़्लू को इसके उदाहरण के तौर पर लिया जा सकता है. जानकारों का मानना है कि स्वाइन फ़्लू की वजह से दुनिया भर में बड़ी संख्या में लोग मारे गए थे.

वैश्विक महामारी तब फैलती है जब कोई नया वायरस आसानी से लोगों को संक्रमित कर ले और जिसका संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में हो.

कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के सभी मापदंडों को पूरा करता है. ख़ासकर तब जब इसका कोई इलाज या वैक्सीन न हो तो इसके संक्रमण का ख़तरा बढ़ जाता है.

महामारी कब घोषित की जाती है

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार कोरोना वायरस का संक्रमण महामारी का दर्जा हासिल करने से बस एक कदम दूर है.

चीन के कई पड़ोसी देशों में इसके संक्रमण के मामले दिख रहे हैं. इतना ही इसके संक्रमण का दायरा बाहर के देशों में फैल रहा है.

अगर दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग समुदायों के बीच हम इसके संक्रमण को बढ़ता हुआ देखते हैं तो ये महामारी कही जाएगी.

इसके आसार कितने हैं?

अभी तक ये तस्वीर साफ़ नहीं हो पाई है कि कोरोना वायरस का ख़तरा कितना गंभीर है और ये कहां तक फैलेगा.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक डॉक्टर टेड्रोस एढॉनॉम ग़ेब्रेयेसुस ने कहा है कि चीन के बाहर कोरोना संक्रमण अभी सीमित है.

कोरोना वायरस के संक्रमण के 17 हज़ार मामलों की अभी तक पुष्टि हुई है. अभी तक 360 लोगों की मौत भी हो चुकी है. इनमें से ज़्यादातर मामले चीन के हैं.

चीन के बाहर कोरोना वायरस के संक्रमण के 150 मामले सामने आए हैं. फिलीपींस में एक व्यक्ति की मौत हुई है.

डॉक्टर ग़ेब्रेयेसुस ने विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक बैठक में सोमवार को कहा, “जहां से कोरोना वायरस फैलना शुरू हुआ, अगर वहां पर हम अपनी लड़ाई तेज़ करते हैं तो दूसरे देशों तक इसका संक्रमण कम और सुस्त होगा.”

जब तक वायरस फैलना न शुरू हो जाए, हर महामारी अलग होती है, इसलिए इसके पूर्ण प्रभाव का पहले से अंदाजा लगाना, लगभग नामुमकिन है.

विशेषज्ञों का ये भी कहना है कि कोरोना वायरस अतीत की दूसरी महामारियों की तुलना में कम जानलेवा है. इस सिलसिले में सार्स का उदाहरण दिया जाता है.

क्या है कोरोना वायरस, क्या हैं इसके लक्षण?

चीन में कोरोना वायरस के कहर से मरने वालों की संख्या 259 को पार कर गई है. अब तक 22 देशों में इसके संक्रमण के करीब 11800 मामले सामने आए हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन पहले ही इसे इमर्जेंसी घोषित कर चुका है. भारत में भी अब तक इसके दो मामले सामने आए हैं. स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए इसे फैलने से रोकना एक बड़ी चुनौती बन गई है. हालांकि, चीन इसे रोकने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रहा है. दुनिया भर में कोरोना वायरस के केस लगातार सामने आने के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्लूएचओ ने कोरोना वायरस को अंतर्राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया है.

चीन से बाहर 22 देशों में कोरोना वायरस के कई मामलों की पुष्टि हुई है. इन देशों में थाईलैंड, जापान, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं.

क्या है कोरोना वायरस? कोरोना वायरस (सीओवी) का संबंध वायरस के ऐसे परिवार से है, जिसके संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती है. इस वायरस को पहले कभी नहीं देखा गया है. इस वायरस का संक्रमण दिसंबर में चीन के वुहान में शुरू हुआ था. डब्लूएचओ के मुताबिक, बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ इसके लक्षण हैं. अब तक इस वायरस को फैलने से रोकने वाला कोई टीका नहीं बना है.

क्या हैं इस बीमारी के लक्षण? इसके संक्रमण के फलस्वरूप बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्या उत्पन्न होती हैं. यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है. इसलिए इसे लेकर बहुत सावधानी बरती जा रही है. यह वायरस दिसंबर में सबसे पहले चीन में पकड़ में आया था. इसके दूसरे देशों में पहुंच जाने की आशंका जताई जा रही है.

क्या हैं इससे बचाव के उपाय? स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने कोरोना वायरस से बचने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं. इनके मुताबिक, हाथों को साबुन से धोना चाहिए. अल्‍कोहल आधारित हैंड रब का इस्‍तेमाल भी किया जा सकता है. खांसते और छीकते समय नाक और मुंह रूमाल या टिश्‍यू पेपर से ढककर रखें. जिन व्‍यक्तियों में कोल्‍ड और फ्लू के लक्षण हों उनसे दूरी बनाकर रखें. अंडे और मांस के सेवन से बचें. जंगली जानवरों के संपर्क में आने से बचें

चीन में इस वायरस के चलते पर्यटकों की संख्या घट सकती है. इसका सीधा असर चीन की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा. पहले ही चीन की अर्थव्यवस्था सुस्ती के दौर में है. कई देशों ने अपने नागरिकों से कोरोना प्रभावित वुहान नहीं जाने के लिए कहा है. कई देशों ने वुहान से आने वाले लोगों पर भी प्रतिबंध लगा दिया है. रूस ने चीन के साथ अपने पूर्वी बॉर्डर को भी बंद कर दिया है.

लगभग 18 साल पहले सार्स वायरस से भी ऐसा ही खतरा बना था. 2002-03 में सार्स की वजह से पूरी दुनिया में 700 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी. पूरी दुनिया में हजारों लोग इससे संक्रमित हुए थे. इसका असर आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ा था.

कोरोना वायरस से बचाने में यह होम्योपैथी दवा आएगी आपके काम

केरल में कोरोना वायरस का तीसरा मामला सामने आने पर अब इसका खतरा चारों तरफ मंडराने लगा है. इस बीच पश्चिम बंगाल सरकार ने भी इस वायरस से प्रभावित 8 मरीजों की पहचान की है. केंद्र सरकार के आयुष मंत्रालय ने भारत में कोरोना वायरस से बचाव के लिए एक एडवायजरी जारी की है. आयुष मंत्रालय ने कहा है कि समय रहते कोरोना का बचाव कर लेने पर इसके गंभीर परिणामों से बचा जा सकता है. सेंट्रल काउंसिल फॉर रिसर्च इन होम्योपैथी के वैज्ञानिक सलाहकार बोर्ड ने कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए होम्योपैथी की ‘आर्सेनिक एल्बम-30’ को 3 दिन तक खाली पेट लेने को कारगर उपाय माना है.
अगर किसी मरीज में कोरोना का संक्रमण कायम रहता है तो एक माह बाद आर्सेनिक एल्बम की खुराक को दोबारा लिया जा सकता है. इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी की रोकथाम के लिए भी आर्सेनिक की यह दवा ली जा सकती है. आयुष मंत्रालय के मुताबिक, तुलसी, काली मिर्च और पिप्पली जैसी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां भी लोगों को कोरोना वायरस से बचा सकती है.
आयुष मंत्रालय के मुताबिक कोरोना से होने वाले संक्रमण को बचाने वाली यूनानी दवाओं में शरबत उन्नाब, तिर्यकअर्बा, तिर्यक नजला, खमीरा मार्वारिद जैसी दवा ली जा सकती है. मंत्रालय की एडवाइजरी में आम लोगों को साफ-सफाई से रहने की सलाह दी गयी है.
यूनानी डॉक्टरों ने कोरोना वायरस के बचाव के लिए सुपाच्य, हल्का एवं नरम आहार लेने की सलाह दी है.

केंद्र सरकार की इस एडवाइजरी को पढ़ने के लिए आप इस लिंक पर क्लिक कर सकते हैं:

केंद्र सरकार के आयुष मंत्रालय ने कहा है कि लोगों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए दवा की सलाह दी जा रही है, लेकिन इसे एक्सपर्ट डॉक्टर की सलाह के बाद ही लिया जाना चाहिए.

क्या हैं कोरोना से बचने के उपाय?

  1. आयुर्वेदिक: पिप्पली, काली मिर्च और सोंठ का 5 ग्राम पाउडर और तुलसी की 3-5 पत्तियों को 1 लीटर पानी में तब तक उबालें, जब तक पानी घटकर आधा लीटर न रह जाए. इसके बाद एक काढ़े को एक बोतल में भरकर रख लें. इसे धीरे-धीरे पीते रहें.
  2. शेषमणि वटी 500 मिलीग्राम रोजाना दिन में 2 बार लें.
  3. सुबह के समय तिल के तेल की दो बूंद नाक में डालें.
  4. डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी उपचार नहीं करें.

ये 5 लक्षण नजर आएं तो कोरोना वायरस हो सकता है, बचाव ही उपाय, जानिए क्या करें क्या नहीं

कोरोना वायरस ने देश में भी हाहाकार मचा दिया है, लेकिन इससे बचाव ही उपाय है। इसलिए जानिए कि क्या सावधानियां बरतें और इसके क्या लक्षण हो सकते हैं.

वीआईपी सिटी मोहाली में उत्तर भारत का पहला कोरोना वायरस का संदिग्ध मामला सामने आने के बाद सेहत विभाग हरकत में आ गया. सोमवार को मोहाली के एक व्यक्ति को कोरोना वायरस का संदिग्ध मानते हुए पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया था. जहां आइसोलेशन वार्ड में उसका इलाज चल रहा है. उस मरीज के सैंपल पुणे भेजे गए हैं, जहां से रिपोर्ट आने में तीन दिन का समय लगेगा.
हरियाणा में कोरोना वायरस के पांच संदिग्ध मामले सामने आए हैं. इनमें से दो गुरुग्राम, एक फरीदाबाद, एक नूह और एक पानीपत में मिला है. ये मरीज स्वास्थ्य महकमे की निगरानी में उपचाराधीन है. हालांकि स्वास्थ्य महकमे ने अभी मरीजों को इस वायरस से ग्रस्त होने की पुष्टि नहीं है. मगर इस वायरस को लेकर स्वास्थ्य महकमे ने अलर्ट जारी कर दिया गया है.
कोरोना वायरस के लक्षण स्वाइन फ्लू जैसे हैं. इसके संक्रमण के फलस्वरूप नाक बहना, बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, सिर में तेज दर्द, निमोनिया, ब्रॉन्काइटिस और गले में खराश जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं.
कहां से फैलना शुरू हुआ वायरस
यह वायरस सबसे पहले चीन के वुहान शहर से फैलना शुरू हुआ. इसके बाद इससे पीड़ित मरीज थाईलैंड, सिंगापुर, जापान में भी मिल रहे हैं. हाल ही में इंग्लैंड में भी एक परिवार के इस वायरस की चपेट में आने की जानकारी सामने आई है.
कोरोना वायरस से संक्रमित हो सकते हैं पालतू जानवर
पालतू जानवर कोरोना वायरस से संक्रमित हो सकते हैं. 2011 के अध्ययन के अनुसार, बिल्लियों में संक्रामक पेरिटोनिटिस हो सकता है. एक पैंट्रोपिक कैनाइन कोरोना वायरस बिल्लियों और कुत्तों को संक्रमित कर सकता है.
बरतें जरूरी सावधानियां
अपने हाथ साबुन-पानी या अल्कोहल युक्त हैंड रब से साफ करें. खांसते या छींकते हुए अपनी नाक और मुंह को टिश्यू या मुड़ी हुई कोहनी से ढकें. जिन्हें सर्दी या फ्लू जैसे लक्षण हों उनके साथ करीबी संपर्क बनाने से बचें. मीट व अंडों को खाने से पहले अच्छे से पकाएं. जंगली और खेतों में रहने वाले जानवरों के साथ असुरक्षित संपर्क न बनाएं. भीड़भाड़ वाली जगह पर न जाएं, खास तौर पर चीन से सफर कर लौटे व्यक्ति से दूर रहें. सब्जी और फलों को खाने से पहले अच्छी तरह धोएं. जिन देशों या जगहों पर इस बीमारी का प्रकोप फैला है, वहां यात्रा करने से बचें. सार्वजनिक स्थानों, सार्वजनिक यातायात के साधनों में कुछ भी छूने या किसी से हाथ मिलाने से बचें.

 

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