रांची: वामदलों ने आज झारखंड में अनप्लान्ड लॉकडाउन से दुर्दशा झेल रहे मजदूरों व गरीबों की मांगों को लेकर संयुक्त रूप से एक दिवसीय प्रतिवाद आयोजित किया. इस आयोजन में शारीरिक दूरी मेंटेन करते हुए धरना प्रदर्शन किया गया.
हस्तलिखित नारों से तख्तियां लहराई गई. इन नारों में प्रवासी मजदूरों की अविलंब वापसी के लिए प्रर्याप्त ट्रेन मुहैय्या करने, हर मजदूर को 10 हजार रुपये भत्ता देने और तमाम गरीबों को 3 माह का प्रर्याप्त राशन देने की मांग शामिल थी.
औरंगाबाद में रेल ट्रैक पर हुए मजदूरों के जनसंहार के लिए रेल मंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए उन पर कार्रवाई और सभी मृतकों के परिजनों को 10 लाख मुआवजा देने की मांग की गई.
विशाखापत्तनम गैस लीक कांड के लिए भी अनप्लान्ड लॉकडाउन को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रभावित परिवारों को मुआवजा, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की गई.
इस धरना में झारखंड के सैकड़ों गांवों में हजार लोग गांवों घरों में इकट्ठा होकर, मास्क लगाकर और झंडे लहराते हुए अपनी आवाज बुलंद की. इस आयोजन का नेतृत्व भाकपा राज्य सचिव भुनेश्वर मेहता, माकपा के सचिव मंडल सदस्य प्रकाश विप्लव, भाकपा-माले के राज्य सचिव जनार्दन प्रसाद और मासस के अध्यक्ष आनंद महतो ने किया.

