रांची. झारखंड सरकार वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए 3 मार्च को बजट (budget) पेश करेगी. 26 फरवरी से झारखंड विधानसभा का बजट सत्र शुरू होगा. सत्र को लेकर विधानसभा सचिवालय ने दिशा निर्देश जारी किया है. इस बार बगैर कोरोना जांच कराए कोई भी सदस्यि बजट सत्र में शामिल नहीं हो पाएंगे. इसके लिए 72 घंटे पहले तक की कोरोना जांच रिपोर्ट मान्य होगी.
देश के कई जगहों पर कोरोना के मामले फिर तेजी से बढ़ रहे हैं. झारखंड में भी इसको लेकर अलर्ट जारी है. कोरोना के नई स्ट्रे न की आशंका और संक्रमण के बढ़ते मामलों को लेकर ही विधानसभा सचिवालय की ओर से मंगलवार को निर्देश जारी किया गया. इसके मुताबिक विधानसभा के सदस्यों समेत मुख्यमंत्री और मंत्रियों को इसका पालन करना होगा. सत्र आरंभ होने के 72 घंटे पहले तक की कोरोना जांच रिपोर्ट ही मान्य होगी. कोरोना पाॅजिटिव पाए जाने पर सदस्यों को बजट सत्र में शामिल होने नहीं दी जाएगी.
विधानसभा सचिवालय के मुताबिक ये एहतियात बरतना जरूरी है. सभी निर्देशों का पालन अनिवार्य किया गया है. विधानसभा के प्रवेश द्वार पर सेनिटाइजेशन की व्यवस्था रहेगी. इसका उपयोग करने के बाद ही सदस्य सभा वेश्म में प्रवेश कर पाएंगे. सदन के भीतर शारीरिक दूरी का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा. सत्र के दौरान विधानसभा में बाहरी लोगों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा. बतातें चलें कि
हेमंत सोरेन मंत्रिमंडल के कई सदस्य कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं. मंत्री हाजी हुसैन अंसारी का इसकी वजह से निधन हो गया, जबकि शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो के फेफड़े का प्रत्यारोपण किया गया. मंत्री बन्ना गुप्ता, बादल, मिथिलेश ठाकुर और रामेश्वर उरांव भी कोरोना पीड़ित हुए. इनके अलावा विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो को भी संक्रमण का शिकार होना पड़ा. विधायक सुदेश महतो, दीपिका पांडेय सिंह, मथुरा प्रसाद महतो, अंबा प्रसाद और लंबोदर महतो भी कोरोना की चपेट में आए.

