रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि इस राज्य को वजूद में लाने के लिए कितनी लड़ाइयां लड़ी गई, कितने लोग शहीद हुए, इसका आकलन करना कठिन है. उन्होंने कहा कि यह राज्य निरंतर संघर्षरत रहा है. जब देश आजाद होने के सपने भी नहीं देखता था. उससे पहले से यहां पर लोग खुद के लिए, इस राज्य के लिए और अपने पीढ़ियों के लिए लगातार संघर्ष करते रहे.
सिदो-कान्हू, भगवान बिरसा मुंडा, नीलांबर पीतांबर जैसे वीर सपूत हमारे मिट्टी में जन्मे. जिन्हें हम विभिन्न तरीकों और विभिन्न समारोह के माध्यम से याद करते हैं. काफी संघर्ष के बाद राज्य अस्तित्व में आया. उसके बाद विभिन्न व्यवस्थाएं यहां पर स्थापित हुई. उसमें मुख्य भूमिका राज्य की सुरक्षा में लगे पुलिस बल का रहा है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्थापना दिवस के अवसर पर रांची के डोरंडा स्थित जैप-1 ग्राउंड में आयोजित अलंकरण परेड के अवसर पर पुलिस जवानों को संबोधित कर रहे थे.
उन्होंने कहा कि पुलिस बल के जवान राज्य की स्थापना से लेकर आज तक लगातार अपने कर्तव्यघ का निर्वहन करते रहे हैं. मुख्यमंत्री ने सम्मान पाने वाले जवानों को शुभकामनाएं दी. उन्होंने कहा कि हमारे जवान राज्य को सुरक्षित रखने के लिए अपने आप को कुर्बान कर दिया. उन्होंने शहीद परिवार के लोगों को कहा कि वे लोग अलग से मिलकर उनके समक्ष अपनी बातें रख सकते है. उनकी समस्यारएं सुनकर सरकार हर सम्भव मदद करने का प्रयास करेगी.
हेमंत सोरेन ने कहा कि पुलिस के जवानों ने कोरोना काल में मुफ्त में गरीबों को खाना खिलाने का काम किया. इस बीच कई पुलिसवाले कोरोना की चपेट में आ गये. कई पुलिसकर्मियों इस संक्रमण से जान गवांनी पड़ी. ऐसी कई चुनौतियां जीवन में आते हैं. संयम, धैर्य और ईमानदारी के माध्यम से हम अपने आप को मजबूत करते हुए लोगों के बीच में खड़े हो पाते हैं. सही नीयत, सही सोच के साथ हम आगे बढ़ते रहें, इसी तरह से मंजिल हमारे कदम चूमेगी.

