रांची: झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ के अध्यक्ष अजय राय झारखंड सरकार के श्रम आयुक्त के यहां पत्र देकर झारखंड ऊर्जा विकास निगम के अधीन कार्य रत विभिन्न कंपनियों के लगभग 4000 कर्मियों के एरियर का भुगतान दिलाने की मांग की.
उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि झारखंड ऊर्जा विकास के रांची एरिया बोर्ड सहित राज्य के विभिन्न ठेकेदारों के अधीन करीब 4000 दैनिक मजदूर (कुशल और अकुशल )इलेक्ट्रिक सप्लाई. एरिया बोर्ड और ट्रांसमिशन जोन में जून 2017 से काम करते आ रहे हैं.
इस बीच राज्य सरकार के श्रम विभाग ने करीब पांच बार न्यूनतम मजदूरी दर में संशोधन किया है. इस वृद्धि के आलोक में समय-समय पर हमारे संघ द्वारा बढ़े हुए दर पर भुगतान और बकाया अंतर राशि की मांग बिजली बोर्ड से की जाती रही.
इसके बावजूद श्रम विभाग के आदेश को दरकिनार किया जाता रहा. झारखण्ड बिजली वितरण निगम लि. रांची के महाप्रबंधक कार्यालय द्वारा दो टेंडर-NIT NO. 46/47/PR/JBNL/2019-20 निकाल कर किसी दूसरे ठेकेदार को काम सौंपने की साजिश की जा रही है.
ऐसे में गरीब श्रमिकों के बकाया अंतर राशि के भुगतान पर ग्रहण लग जायेगा. कोरोना महामारी के बीच बिजली कामगार पूरी निष्ठा से काम कर रहे हैं. इसके बावजूद जनवरी 2020 से नियमित मासिक पारिश्रमिक का भी भुगतान नहीं हो रहा है. वैकल्पिक व्यवस्था के तहत ठेकेदार अपने स्तर से भुगतान कर रहे हैं. अतः आपसे अनुरोध है कि जबतक श्रमिकों की अंतर राशि का भुगतान नहीं होता है नए टेंडर पर रोक लगाने का आदेश दिया जाए.

