बसंतराय: कोरोना महामारी को लेकर जहां इस वक्त देश में लॉकडाउन कर हर एक सीमावर्ती इलाकों को सील कर आवागमन पर रोक लगाई है. ऐसे में गोड्डा जिला के बसंतराय प्रखंड क्षेत्र के सीमावर्ती इलाकों में अवैध शराब विक्रेता अपना धंधा अब सरकारी विद्यालयों में बिना किसी डर के कर रहे हैं और बसंतराय प्रशासन उसपर रोक लगाने में पूरी तरह फेल साबित हो रही है. ताजा मामला बसंतराय थाना क्षेत्र के खुर्द मांजर गॉंव से प्रकाश में आई है, जहां के प्राथमिक विद्यालय में ग्रामीणों के द्वारा जहां एक तरफ विद्यालय के कक्षाओं में भूसा-मक्का जैसे चीजों को रखकर अवैध कब्जा किया है, वहीं दूसरी तरफ शाम ढलते ही खुर्द मांजर गॉंव के शराब विक्रेताओं के द्वारा विद्यालय में शराब की महफ़िल सजाता है और बिहार से शराबियों का जत्था उक्त विद्यालय में पहुंचकर शराब पीकर बिना किसी प्रशासनिक भय के बिहार चले जाते हैं.
मालूम हो कि लॉकडाउन होने के बाद बिहार-झारखण्ड के सीमा को सील कर दिया है, जिसके बाद बिहार से शराबियों का जत्था सड़क मार्ग से न होकर अन्यत्र रास्तों से होकर झारखण्ड के सीमा पर बसे गॉंव और शराबियों के लिए सुरक्षित स्थान बने सनौर, मांजर, महेशटिकरी, कोरियाना, गोरगामा जैसे गांव में शराब पीने आते हैं. वहीं बसंतराय प्रशासन के ढीले व्यवस्था से पियक्कड़ों सहित शराब धंधेबाजों का हौसला बुलन्द है और अब ये धंधेबाज सरकारी स्कूल को अपना सुरक्षित स्थान बना लिया है. जिसके बाद ग्रामीणों ने इसकी शिकायत बसंतराय प्रखंड विकास पदाधिकारी से किया हालांकि प्रखंड विकास पदाधिकारी उक्त विद्यालय में संज्ञान लेने भी आये और वर्तमान में मौजूद वहां सभी तथ्यों को भी पाया जिसकी आपत्ति हमेशा से ग्रामीणों के द्वारा की जा रही है लेकिन ग्रामीणों की माने तो बसंतराय के प्रशासनिक जिम्मा का प्रभार मिले थाना प्रभारी सुरेंद्र कुमार सिंह के सुस्त प्रशासनिक रवैये से उचित कार्यवाही की कोई आस नहीं दिखाई दे रही है. ऐसे में सवाल ये है कि क्या बसंतराय प्रशासन की सुस्त रवैया से अवैध धंधेबाजों की चांदी कटेगी या फिर जिला प्रशासन इसके लिए कोई ठोस सुधि लेगी.
—साजन मिश्रा,बसंतराय

