रांचीः झारखंड के लाइसेंसधारी शराब विक्रेता अपनी विभिन्न मांगों को लेकर उत्पाद विभाग परिसर में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं. जिनकी मानें तो सरकार की ओर से राजस्व बढ़ाने के निर्णय की दोहरी मार झारखंड खुदरा शराब विक्रेताओं को झेलनी पड़ रही है.
जनवरी से EDT को 7.2% से बढ़ाकर 9% कर दिए जाने से दुकानदारों की परेशानी बढ़ गई है. वहीं शराब बेचने के मंथली कोटा को पूरा नहीं कर पाने पर उत्पाद विभाग द्वारा 5 फीसदी पेनाल्टी प्रतिदिन लगाया गया है. जिसकी वजह से सर्वाधिक दुकानदारों पर करोड़ों का विलंब शुल्क बकाया हो गया है.

