मुंबईः मायानगरी मुम्बई में करीब 320 दिन बाद आज सुबह से लोकल ट्रेन में आम लोगों कों यात्रा करने की अनुमति मिल गई है. हालांकि यह अनुमति सीमित घंटों के लिए ही दी गई है. मध्य रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी शिवाजी सुतार ने बताया कि सभी अधिकृत निकास/प्रवेश बिंदुओं पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस की मदद ली जा रही है और सुचारू संचालन के लिए टिकट खिड़कियां भी खोल दी गई हैं.
जारी हुए नए गाइडलाइन्स
लोकल ट्रेन की सेवाएं आम लोगों के लिए दिन की सेवा शुरू होने से सुबह सात बजे तक, फिर दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक और रात नौ बजे से सेवा समाप्ति तक उपलब्ध रहेगी. रेल मंत्रालय और महाराष्ट्र सरकार के निर्देशों के मुताबिक, सुबह सात बजे से दोपहर 12 बजे तक और शाम चार बजे से रात नौ बजे तक केवल आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारी ही लोकल ट्रेन में यात्रा कर पाएंगे.
सुतार ने कहा है कि मास्क पहनना अनिवार्य है और कोविड-19 संबंधी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वालों से जुर्माना वसूलने के लिए नागरिक अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा. कोविड-19 वैश्विक महामारी के मद्देनजर आम जनता के लिए पिछले वर्ष 22 मार्च से लोकल ट्रेन बंद हैं. आवश्यक सेवाओं के कर्मियों के लिए इन्हें 15 जून से बहाल किया गया था.
95 प्रतिशत रेलवे सेवाएं खुली
सुतार ने इस बड़ी खबर की जानकारी देते हुए बताया है कि आम जनता के लिए सेवाएं बहाल करने के लिए उपनगरीय रेलवे स्टेशनों पर सभी अधिकृत निकास/प्रवेश, लिफ्ट, एस्केलेटर और फुट ओवर ब्रिज खोल दिए गए हैं. सभी टिकट खिड़कियां खोल दी गई हैं और स्वचालित टिकट वेंडिंग मशीन भी चालू कर दी गई हैं. कोरोना गाइडलाइन्स को पूरी तरह से ध्यान में रखा जाएगा.
अधिकारी ने आगे कहा है कि उन स्टेशनों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं, जहां भीड़ अधिक हो सकती है. अभी तक मुम्बई उपनगर नेटवर्क पर 2,985 लोकल ट्रेन ही चल रही थीं, जो कुल सेवाओं का करीब 95 प्रतिशत है. लॉकडाउन से पहले सामान्य दिनों में मध्य रेलवे रोजाना 1,774 सेवाओं, जबकि पश्चिमी रेलवे 1,367 सेवाओं का संचालन करती थी

