शशिभूषणदूबे कंचनीय,
लखनऊ: प्रयागराज 21 जून,2020.दांदूपुर स्थित समदरिया स्कूल ऑफ स्पेशल एजुकेशन में सक्षम के स्थापना दिवस के अवसर पर संगोष्ठी आयोजित हुई.
सोशल डिस्टेंसिंग और प्रशासनिक निर्देशो के अनुसार समस्त प्रतिभागियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कर पक्ष प्रस्तुत किया.” चैलेंज ऑफ पी. डब्लू.डीस. ड्यूरिंग कोविड-19″ विषयक इस संगोष्ठी में मुख्य अतिथि भारतीय पुनर्वास नई दिल्ली, कार्य परिषद के सदस्य तथा सक्षम के राष्ट्रीय महासचिव कमलाकांत पाण्डेय ने कहा कि कोविड -19 के इस भयावह दौर में दिव्यांगजनों के लिये सबसे बड़ी चुनौती उनका आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक रूप से पिछड़ा होना है.
कमला कांत ने आगे उन्होंने कहा कि उन पर लॉकडाउन का दोहरा असर पड़ रहा है. दिव्यांगजनों को पराश्रित होने के कारण कोरोना वायरस की चपेट में आने की आशंका सबसे ज्यादा है.
अध्यक्षीय उदबोधन में सह-सेवा प्रमुख काशी प्रान्त सत्य विजय ने कहा कि लॉकडाउन के कारण दिव्यांगजनों की समस्याएं काफी बढ़ी है. चलने-फिरने और खाने-पीने जैसी छोटी- छोटी जरूरतों के लिए उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता है.
ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर पाना उनके लिए बहुत कठिन है. उनसे दूरी बनाने का मतलब है कि उनका जीवन और अधिक मुश्किल हो जाएगा.
विशिष्ट वक्ता प्रयागदत्त तिवारी ने कहा कि आज भारत मे 6 से 7 करोड़ की आबादी दिव्यांगता से प्रभावित हो चुकी है. इनमें से करीब 70 फीसदी आबादी गांवों में रहती है. इस प्राकृतिक आपदा के चलते उनका जीवन यापन कठिन होता जा रहा है.
सेमिनार कोआर्डिनेटर डॉ मणि शंकर द्विवेदी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि आपदा काल में रोजगार की समस्याये बढ़ रही है जिसका मनोवैज्ञानिक असर दिव्यांगों के आत्म विश्वास पर दिखाई दे रहा है. संगोष्ठी का संचालन राजेश मिश्र ने तथा आभार ज्ञापन सत्येन्द्र सिंह ने किया.
इस अवसर पर प्रमुख रूप से प्रशांत पांडेय, डॉ अम्बिका पांडेय, डॉ मधुकराचार्य त्रिपाठी, एम0 पी0 सिंह, राजेश शुक्ल, राघवेंद्र प्रताप सिंह, राजेश मिश्र आदि लोग उपस्थित रहे.

