मुंबई: भारत में कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य महाराष्ट्र है. महाराष्ट्र में संपूर्ण लॉकडाउन लगाने को लेकर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने रविवार (11 अप्रैल) को कोविड-19 टास्क फोर्स के साथ बैठक की थी.
लॉकडाउन को लेकर सीएम उद्धव ठाकरे सोमवार को यानी आज भी बैठक करने वाले हैं. इससे पहले महाराष्ट्र में लॉकडाउन लगाने को लेकर शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में लिखा है कि लॉकडाउन लगाना ही पड़ेगा, राज्य सरकार के पास और कोई ऑप्शन नहीं है.
शिवसेना ने मुखपत्र सामना में विपक्ष पर तंज करते हुए लिखा है, ‘महाराष्ट्र में सख्त लॉकडाउन लगाना ही पड़ेगा. ऐसा संकेत बैठक में सीएम उद्धव ठाकरे ने रविवार को दिए हैं. विपक्ष को डर है कि लॉकडाउन के कारण लोगों की आर्थिक स्थिति फिर से कमजोर हो जाएगी. लेकिन फिलहाल लोगों का जान गंवाने का जो ‘अनर्थचक्र’ जारी है उसे अगर रोकना है तो, राज्य में लॉकडाउन और सख्त पाबंदियां अनिवार्य है. ऐसा सीएम ने बैठक में कहा है.”
सामना ने लिखा है, बीजेपी ने नरेंद्र मोदी द्वारा लगाए गए पहले लॉकडाउन का समर्थन किया था. आज हमारी स्थिति बहुत खराब है. गुजरात महाराष्ट्र से भी बदतर है. केंद्र को गरीबों को पैकेज देने के लिए महाराष्ट्र की मदद करने की जरूरत है.
महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ पार्टी शिवसेना ने सोमवार को ‘टीका उत्सव’ के दौरान राज्य को कोरोना वैक्सीन की डोज र्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं कराने के लिए केंद्र पर हमला किया है.
सामना में शिवसेना ने पूछा है, ”क्या महाराष्ट्र में भाजपा का सीएम नहीं है तो राज्य की जनता को इसके लिए कीमत चुकानी होगी? क्या गैर-बीजेपी शासित राज्यों को वैक्सीन देकर टीका उत्सव को और अधिक शानदार बनाना केंद्र सरकार का कर्तव्य नहीं है? भाजपा महाराष्ट्र को दिल्ली के सामने राज्य का पक्ष रखना चाहिए.” शिवसेना ने यह भी कहा कि कोविड-19 के मामलों में भारी उछाल के बीच राजनीति को अलग रखा जाना चाहिए.

