रांची:- यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस द्वारा बैंको के निजीकरण के विरोध में और अपनी मांगों के समर्थन में किये जा रहे दो दिवसीय हड़ताल की वजह से बैंको में ताले लटके रहे. बैंककर्मी और बैंक यूनियनों के कर्मचारी और पदाधिकारी अपने-अपने बैंको के समक्ष एकत्रित होकर केंद्र सरकार के विरूध नारे बाजी की. कल यानी मंगलवार तक झारखंड के 12 सरकारी बैंकों के 8 हजार शाखाओं पर ताला लटका रहेगा.
निजीकरण के खिलाफ यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंकिंग यूनियन के
बैनर तले इन बैंकों के कर्मचारी देशव्यापी हड़ताल कर रहे है. ग्रामीण बैंक के भी सभी अधिकारी और कर्मचारी राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल हैं. ग्रामीण बैंक के अधिकारी नवल किशोर वर्मा ने बताया कि आंदोलन की शुरूआत हो चुकी है अब सरकार को मांगें माननी होगी. बैंककर्मी की हड़ताल पूरी तरह सफल है.
हड़ताल की वजह से बैकों में होनें वाला कोई कार्य नहीं किया गया है. बैंको के मुख्य गेट के ताले तक नहीं खुले हैं. यूएफबीयू के संयुक्त संयोजक एमएल सिंह ने कहा कि सरकार बैंकों को भी बेचने जा रही है. ये निजीकरण की एक हद है. हड़ताल में यूनाइटेड फ्रंट और बैंक यूनियंस में ऑल इंडिया बैंक एंप्लाइज एसोसिएशन, आल इंडिया बैंक आफिसर्स कन्फेडरेशन,नेशनल कंफेडरेशन आफ बैंक एंप्लाइज, आल इंडिया बैंक आफिसर्स एसोसिएशन और बैंक एंप्लाइज कंफेडरेशन आफ इंडिया शामिल हैं. बैंक हड़ताल की वजह से सुबह से ही कई एटीएम में लोग पैसा निकालनें के लिए पहुंचे और अपनी जरुरत के हिसाब से पैसा निकाला. मालूम की मार्च माह का दूसरा शनिवार, रविवार के बाद आज से बैंकों की दो दिवसीय देश व्यापी हड़ताल की वजह से बैंको में कार्य पूरी तरह से बंद है. इस वजह से चार दिनों के बैंक बंद रहने की वजह से कई लोगो ने बैंक बंद होने के पहले एटीएम और बैंको से अपने जरुरत के रुपयो की निकासी कर ली.

