मप्र.: एमपी के रतलाम जिले में लोगों को ठगने वाली दुल्हन को गिरफ्तार किया गया है. वह अभी तक आठ शादियां कर चुकी है. एक शादी के एवज में उसे दस हजार रुपये मिलते थे.
हाल ही में ठगने वाली दुल्हन ने एक युवक से शादी की थी. कुछ दिनों बाद युवक ने आत्महत्या कर ली थी. अन्य आरोपितों की तलाश की जा रही है.
गिरफ्तार मीनाक्षी ने पूछताछ में बताया कि नौ वर्ष पूर्व धार निवासी युवक से शादी हुई थी. तीन वर्ष पहले वह पति को छोड़कर माता-पिता के साथ रह रही थी.
माता-पिता और भाई से विवाद होने के कारण वह आठ वर्षीय बेटी के साथ अकेले रहने लगी थी. इस दौरान उसकी पहचान पुष्पेंद्र दुबे नामक व्यक्ति से हुई, जो उत्तर प्रदेश का रहने वाला है.
वह नाम बदलकर गजेंद्र पुरोहित और मीनाक्षी का भाई बनकर इंदौर में सारिका उर्फ संगीता निवासी मंडलेश्वर के साथ मिलकर नकली शादी का गिरोह संचालित करता है.
मीनाक्षी अब तक राजस्थान में तीन, गुजरात व नीमच में पांच युवकों से नकली शादी कर ठगी कर चुकी है, लेकिन यहां पुलिस को कोई शिकायत नहीं हुई.
पुलिस अधीक्षक गौरव तिवारी ने बताया कि 29 जुलाई की सुबह 29 वर्षीय युवक महेंद्र कलाल निवासी गलकिया (थाना सदर) जिला बांसवाड़ा का शव पेड़ पर लटका मिला था.
युवक के परिजनों ने बताया कि 26 जुलाई को धार निवासी मीनाक्षी से महेंद्र की शादी मैरिज ब्यूरो के माध्यम से कोर्ट में हुई थी. इसके बाद दोनों महेंद्र की बुआ के घर चले गए थे.
महेंद्र के स्वजन ने मीनाक्षी के मुंहबोले भाई गजेंद्र उर्फ पुष्पेंद्र दुबे निवासी यूपी को दो लाख रुपये और मैरिज ब्यूरो से जुड़े महेश जोशी को पचास हजार रुपये का चेक दिया था.
शादी के बाद 28 जुलाई की रात गजेंद्र उर्फ पुष्पेंद्र और उसके साथी मीनाक्षी को कुछ दिनों के लिए ले जाने को लेकर कार से महेंद्र की बुआ के घर ग्राम गोरड़ी (राजस्थान) पहुंचे, तो महेंद्र भी साथ हो लिया. सभी इंदौर के लिए निकले.
रास्ते में महेंद्र को ठगी का अहसास होने पर वह मीनाक्षी और उसके साथियों से झूमाझटकी करने लगा था. कार रुकवाने के लिए स्टेयरिंग पकड़ने पर उसे टोल नाके से थोड़ी दूर उतारकर वे भाग गए. इसके बाद महेंद्र ने आत्महत्या कर ली थी.

