रांची:- आजसू पार्टी के विधायक डॉ. लंबोदर महतो ने उत्तराखंड के चमोली जिले में झारखंड के मृत या लापता व्यक्ति के परिवारों को मुआवजा राशि देने और आश्रित को सरकारी नौकरी देने के लिए सारे कार्य को रोक कर चर्चा कराने के लिए आज बजट सत्र में कार्य स्थगन का प्रस्ताव लाया. लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने यह कहते हुए कार्यस्थगन प्रस्ताव को अमान्य कर दिया कि अभी अनुदान मांग पर चर्चा के दौरान इस मुद्दे को उठाने का मौका मिलेगा.
उन्होंने सदन के माध्यम से सरकार का ध्यान इस बात की ओर आकृष्ट कराया कि गत 7 फरवरी को उत्तराखंड के चमोली जिले के ऋषि गंगा में अचानक आए भयंकर बाढ़ के कारण हुए हादसे में राज्य के बोकारो जिले के पेटरवार प्रखंड के जारीडीह ग्राम के अमृत महतो, रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड के चौकात ग्राम के कुलदीप महतो, मिथिलेश महतो, बिर साई महतो एवं संग्रामपुर के मदन महतो सहित राज्य के कई व्यक्ति लापता हुए हैं. झारखंड के लापता लोगों को उत्तराखंड सरकार के द्वारा मृत घोषित कर दिया गया है. लेकिन लापता परिवार को न ही उत्तराखंड सरकार के द्वारा, न ही झारखंड सरकार के द्वारा और और न ही एजेंसी के द्वारा किसी प्रकार की सहायता राशि या मुआवजा राशि की भुगतान आश्रितों परिवार को किया गया है. अपने प्रस्ताव में कहा कि उक्त सभी मृत घोषित व्यक्ति घर के एकमात्र कमाऊ व्यक्ति थे. जिसके कारण लापता और मृत परिवार के सदस्यों की आर्थिक स्थिति दयनीय हो गई है. मृत परिवार के बच्चों एवं आश्रितों के बीच भरण-पोषण पर भी संकट उत्पन्न हो गया है.

