रांची: रांची के सांसद संजय सेठ ने कंगना रनौत के कार्यालय को बीएमसी द्वारा तोड़ना दुर्भाग्यपूर्ण बताया महाराष्ट्र सरकार द्वेष की भावना से काम कर रही है. एक संघर्षरत नायिका जो राष्ट्र विरोधीयों के विरोध में खड़ी हुई, तो उसका कार्यालय तोड़ दिया गया.
बीते कई सालों से असहिष्णुता पर बोलने वाले आज अचानक खामोश हो गए. महिला अधिकारों पर मुखर आवाज उठाने वाली गलियों में सन्नाटा क्यों है. महाराष्ट्र में लोकतंत्र की हत्या हो रही है और सब के सब खामोश हैं. अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर फिल्में बनाने वाले लोगों के सामने अभिव्यक्ति की हत्या हो रही है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.
यह जानकारी संजय पोद्दार ने दी.

