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मासिक धर्म स्वच्छता दिवस 2020: 60 प्रतिशत महिलाओं ने कहा, भारतीय स्कूलों में लड़कियों के सैनिटरी प्रोडक्ट बदलने की सुविधाएं पर्याप्त नहीं

महावारी स्वच्छता दिवस

by bnnbharat.com
May 28, 2020
in Uncategorized
मासिक धर्म स्वच्छता दिवस 2020: 60 प्रतिशत महिलाओं ने कहा, भारतीय स्कूलों में लड़कियों के सैनिटरी प्रोडक्ट बदलने की सुविधाएं पर्याप्त नहीं
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महावारी स्वच्छता दिवस :28 मई को दुनिया भर में मेंस्ट्रुअल हाइजीन डे 2020 (महावारी स्वच्छता दिवस) के रूप में मनाया जाता है. फेमिनीन हाइजीन ब्रांड एवरटीन के महावारी स्वच्छता सर्वेक्षण के पांचवें वार्षिक संस्करण में भारत के विभिन्न शहरों से लगभग 7000 महिलाओं ने हिस्सा लिया जिसमें दिल्ली, मुंबई, बैंग्लोर, चंडीगढ़, हैदराबाद, अहमदाबाद और कोलकाता सम्मिलित थे. 

51 प्रतिशत से अधिक महिलाओं ने दावा किया कि भारतीय स्कूलों में महावारी की शुरूआत के बारे में बच्चियों और किशोर लड़कियों को शिक्षित और मानसिक रूप से तैयार करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है.

95 प्रतिशत से अधिक महिलाओं ने कहा कि भारतीय स्कूल प्रणाली में इस विषय पर लड़कियों को तैयार करने के लिए ठोस जागरूकता कार्यक्रम होने की आवश्यकता है.  एवरटीन महावारी स्वच्छता सर्वेक्षण में यह भी पता चला कि किशोरावस्था के दौरान, लगभग 60 प्रतिशत महिलाओं को महावारी के बारे में कोई पूर्व ज्ञान नहीं था.

यहां तक कि 38 प्रतिशत महिलाएं तो अपनी पहली महावारी को कोई चोट या बीमारी समझ बैठीं. लगभग 60 प्रतिशत महिलाओं ने साझा किया कि स्कूलों में सार्वजनिक शौचालयों में सफाई और खासकर लड़कियों के सैनिटरी पैड और अन्य माहवारी के प्रोडक्ट बदलने की सुविधा पर्याप्त नहीं है.

पैन हेल्थकेयर के सीईओ, चिराग पैन कहते हैं,

“भारतीय संदर्भ में महावारी स्वच्छता एक गंभीर मुद्दा है. हालांकि पिछले कुछ वर्षों में प्रगति हुई है, मगर हमें भारतीय मूल्य-आधारित प्रणालियों को अपनी ताकत बना कर बालिकाओं को किशोरावस्था से ही महावारी में स्वच्छता का महत्व समझाना होगा. स्कूलों में बेहतर जागरूकता कार्यक्रमों और केंद्रित बुनियादी ढांचे के विकास से हम इस दिशा में महत्वपूर्ण प्रतागी कर सकते हैं.“

वेट एंड ड्राय पर्सनल केयर प्राइवेट लिमिटेड, जिसका एवरटीन फेमिनाइन हाइजीन ब्रांड पर स्वत्व है, पैन हेल्थकेयर की सहायक कंपनी है.

 

41 प्रतिशत महिलाओं ने माना कि उनके कार्यक्षेत्रों में भी शौचालयों में सेनेटरी पैड को बदलने और डिसपोज़ करने की सुविधाएं संतोष जनक नहीं हैं

एवरटीन महावारी स्वच्छता सर्वे 2020 से ये भी सामने आया कि महावारी से जुड़ी शर्म और कलंक के कारण महिलाएं गंभीर स्त्री रोग संबंधी समस्याओं के लिए भी डॉक्टर को दिखाने से शर्माती है.

50 प्रतिशत से अधिक महिलाओं को एक साल में महावारी के दौरान या बाद में कुछ स्त्रीरोग संबंधी संक्रमण या यूटीआई, रैशेज़, चकते पड़ना, दुर्गंध या खुजली जैसी समस्या हुई.

64 प्रतिशत महिलाओं की महावारी की तारीखों में अनियमितता रही. फिर भी केवल 37 प्रतिशत महिलाओं ने ही ऐसे मामलों में डॉक्टरी सलाह ली. इसी तरह, 54 प्रतिशत से अधिक महिलाओं को सफेद पानी आने की समस्या रही, लेकिन केवल 25 प्रतिशत ही डॉक्टर से परामर्श लेना मुनासिब समझा.

लगभग 56 प्रतिशत महिलाओं का मानना है कि भारतीय समाज में महावारी अभी भी कलंकित (टैबू) माना जाता है. फलस्वरूप 42 प्रतिशत से अधिक महिलाएं दुकान या केमिस्ट से सैनिटरी उत्पाद खरीदनें में असहज महसूस करती हैं, विशेषरूप से तब जब वहां अन्य ग्राहक भी हों.

दिलचस्प है, सर्वे में शामिल तीन-चौथाई से अधिक महिलाओं ने कहा कि महावारी समाज में ऐसा वर्जित विषय नहीं होता, अगर यह प्रक्रिया पुरूषों को भी झेलनी पड़ती!

सर्वे से एक अन्य प्रमुख यह बात भी निकलकर आई कि 53 प्रतिशत महिलाओं ने गत वर्ष में सैनिटरी उत्पादों को बदलने के लिए सार्वजनिक शौचालय जैसे कार्यालय, मॉल या सिनेमा हॉल में तीन बार से अधिक का इस्तेमाल किया.

वेट एंड ड्राय पर्सनल केयर के सीईओ हरिओम त्यागी कहते हैं,

“हमारे एवरटीन सर्व से पता चलता है कि 75 प्रतिशत महिलाएं सैनेटरी उत्पादों को बदलने के लिए सार्वजनिक शौचालयों का उपयोग करने में असहज महसूस करती हैं. फिर भी 93 प्रतिशत से अधिक महिलाएं सैनिटरी नैपकिन का इस्तेमाल करती हैं.आधुनिक और बेहतर मेन्स्ट्रूअल कप के इस्तेमाल से महिलाएं दिन में उस सैनिटरी उत्पादों को बदलने की संख्या को कम कर सकती हैं . हमें कईं महिलाओं ने बताया कि मेन्स्ट्रूअल कप के इस्तेमाल से उनकी परेशानी काफी कम हो गयी है.”

सर्वेक्षण में पता चला है कि अब भारत में 4 प्रतिशत महिलाएं मेन्स्ट्रूअल कप उपयोग कर रही हैं जो टैम्पून्स के इस्तेमाल से दुगना हो गया है.

महिलाओं की अंतरंग स्वच्छता में अग्रणी ब्रांड एवरटीन वार्षिक महवारी स्वछता सर्वेक्षण 2014 से करती आ रही है जिससे भारत में इस विषय पर सटीक जागरूकता हो सके. एवरटीन ने #FixYourPeriods जैसे सामाजिक अभियानों से महिलाओं में मेन्स्ट्रूअल कप को ले कर भ्रम और भ्रांतियों को दूर किया. कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान एवरटीन ने समूचे भारत में #SheNeedsPad नामक सामाजिक प्रोजेक्ट से जरूरतमंद महिलाओं को घर घर तक सैनिटरी नैपकिन मुफ्त में वितरित किए . आज एवरटीन महिलाओं के लिए 30 से अधिक अंतरंग स्वच्छता और कल्याण उत्पादों का निर्माण करता है, जिसमें सेनेटरी पैड, टैम्पोन, मैंस्ट्रुअल कप, बिकनी लाइन हेयर रिमुवर क्रीम, इंटीमेट वॉश, इंटीमेट वाइप्स, टॉयलेट सीट सेनिटाइज़र, मीनोपॉज़ रिलीफ कैप्स्यूल्स और अन्य प्रॉडक्ट सम्मिलित हैं. एवरटीन के उत्पाद भारत के अलावा अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, बंग्लादेश, मलेशिया, सऊदी अरब, सिंगापुर, श्रीलंका और कईं अफ्रीकी में ग्राहकों को भेजे जाते हैं. 28 मई को मनाए जाने वाले वैश्विक महावारी स्वच्छता दिवस में एवरटीन एक आधिकारिक भागीदार है, जिसको यूनिसेफ और यूएसएआईडी जैसे संगठनों का समर्थन हासिल है.

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