मध्यप्रदेश: मध्यप्रदेश में नशे के सौदागर पैसे की लालच में युवाओं को जानलेवा इंजेक्शन नशे के रूप में उपयोग करने के लिए बेच रहे हैं. भोपाल क्राइम ब्रांच की टीम ने ऐसे 4 लोगों को गिरफ्तार किया है जिसमें एक मेडिकल स्टोर संचालक भी शामिल है. जानकारी के मुताबिक नशे की लत में डूबे युवा जिस जानलेवा इंजेक्शन को नशे के रूप में उपयोग कर रहे हैं, उसकी डोज दर्द के दो 2 इंजेक्शन को मिलाकर तैयार की गई है.
महज 18 रुपए के इन दो इंजेक्शन को 170 रुपए में बेचकर युवाओं की नसों में जहर भरने वाले नशे के सौदागर तस्करों के पकड़े जाने पर इसका खुलासा हुआ. क्राइम ब्रांच की टीम ने शनिवार सुबह से शुरू की कार्रवाई कर 4 लोगों को पकड़ा है. प्रतिबंधित इंजेक्शन बेचने वाले मेडिकल संचालक को भी गिरफ्तार किया है.
डीआई जी भोपाल इरशाद वली ने बताया कि क्राइम ब्रांच ने शनिवार सुबह 6 बजे से विभिन्न इलाकों में दबिश दी. छोला, ऐशबाग, तलैया और हनुमानगंज समेत आधा दर्जन क्षेत्रों में पुलिस की टीमें लगातार दबिश देती रहीं.
इस दौरान पुलिस ने 3 से अधिक लोगों को नशा करते रंगे हाथ पकड़ा. यह इंजेक्शन के माध्यम से नशा कर रहे थे. पूछताछ के बाद दोपहर तक पुलिस ने लालघाटी से मेडिकल संचालक अनिल बलवानी को भी गिरफ्तार किया. यही इंजेक्शन बेचता था. इसके अलावा छोला से रोहित कुचबंदिया (28), 19 साल के सुमित कुचबंदिया और ऐशबाग से आसिफ कुचबंदिया को गिरफ्तार किया.
एएसपी क्राइम ब्रांच गोपाल सिंह धाकड़ ने बताया कि पुलिस ने जब आरोपियों को पकड़ा, तो एक ही इंजेक्शन से एक के बाद दूसरे को यह डोज दिया जा रहा था. पकड़े गए तस्कर ने खुलासा करते हुए बताया कि वह दिन भर में करीब 70 इंजेक्शन लोगों को लगा देता है. वैसे तो, मार्केट में इनकी कुल कीमत करीब 18 रुपए है, लेकिन वह एक इंजेक्शन का 80 रुपए लेता है.
इस इंजेक्शन की खास बात है कि इसके लगाते ही तत्काल नशा हो जाता है. दूसरी बात की इंजेक्शन होने के कारण इसे पकड़ना मुश्किल है, इसलिए अब इसका कारोबार बढ़ता जा रहा है. खास है कि इस नशे के साथ आरोपी एड्स भी बांट रहे हैं, क्योंकि एक ही इंजेक्शन से लगातार युवाओं की नसों में यह जहर पहुंचाया जा रहा है.

