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मंत्री ने कहा कि पेयजल विभाग के डैम में बिना एनओसी के मछली पालन कैसे शुरू हुआ, जांच कर बताएं
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पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने किया गोंदा डैम का निरीक्षण
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विभागीय सचिव अराधना पटनायक एवं इंजीनियर इन चीफ का निरीक्षण में शामिल नहीं होने पर प्रकट की नाराजगी
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फिल्ट्रेशन प्लांट परिसर के जीर्ण पड़े फांऊटेन एवं पार्क को म्यूजियम के रूप में विकसित करने का निर्देश
रांची: राज्य के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर बुधवार को कांके रोड स्थित गोंदा डैम एवं फिल्ट्रेशन प्लांट का निरीक्षण किया. इस दौरान मंत्री कई मामलों पर कड़ी नाराजगी अफसरों के समक्ष प्रकट किया.
मंत्री ने विभागीय पदाधिकारियों से पुछा कि डैम में मछली पालन के लिए क्या पेयजल विभाग से एनओसी लिया गया, इस पर अफसरों ने कहा नहीं. इस पर मंत्री कड़ी
नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि उनके जानकारी में डैम में अवैध तरीके से कैज मछली पालन और उसकी बिक्री की जा रही है. इससे डैम गंदा हो रहा है. इसलिए तत्काल इस मछली पालन का हटाएं और जांच कर बताएं कि उनके विभाग के एनओसी के बिना मछली पालन कैसे शुरू हुआ.
मंत्री ने डैम के अतिक्रमण पर हाईकोर्ट के आदेश एवं उसके पालन पर ब्योरा मांगा. अफसरों ने बताया कि डैम का पूरा एरिया 456.9 एकड़ है. जिसमें से करीब 100 एकड़ पर अतिक्रमण हो चुका था. जिसमें हाईकोर्ट के निर्देश के बाद 80 प्रतिशत मुक्त करा लिया गया. 20 प्रतिशत ही बचा है.
उन्होंने कहा कि यह कार्य इतना आसान नहीं है. इसके लिए जिला प्रशासन की पूरी टीम, प्रशासन के मैजिस्ट्रेट की उपस्थिति में अतिक्रमण हटाने का काम किया जाना चाहिए. ऐसे तो कभी अतिक्रमण नहीं हटेगा. उन्होंने इसके लिए अपने अफसरों को कड़ी फटकार लगायी.
फिल्ट्रेशन प्लांट परिसर के फाऊंटेन एवं पार्क का सौंद्रयीकरण कर उसे म्यूजिम का रूप दें
मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने फिल्ट्रेशन प्लांट परिसर में जीर्णे-शीर्ण पड़े पार्क एवं फांऊटेन को देखकर अफसरों को खूब फटकार लगायी. उन्होंने कहा कि यह बहुत महत्पूर्ण जगह है. अगर यहां पर स्कूल एवं कॉलेज के बच्चे आएंगे तो क्या देखेंगे. इसलिए इसे एक जीर्णोद्धार करके म्यूजियम का रूप प्रदान करें ताकि हमारे बच्चे पूरे पानी फिल्टर के सिस्टम को देख एवं समझ सकें.
विभागीय सचिव अराधना पटानायक एवं इंजीनियर इन चीफ का निरीक्षण में शामिल नहीं होने पर मंत्री हुए खफा
मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि अगर मंत्री रांची में किसी डैम एवं प्लांट का निरीक्षण करते हैं तो उसमें विभागीय सचिव अराधना पटनायक को उपस्थित होना चाहिए ताकि मौके पर कुछ जानकारी अदान-प्रदान, दिशा-निर्देश दिया जा सके. यह अच्छी बात नहीं है.
निरीक्षण में विभागीय इंजीनियर इन चीफ श्वेताभ कुमार के शामिल नहीं होने पर भी मंत्री गहरी नाराजगी प्रकट की और उन्हें शो कॉज जारी करने का निर्देश दिया. निरीक्षण के दौरान मंत्री के ओएसडी दिपांकर पंडा, रांची एसई केके वर्मा, गोंदा ईई शशिशेखर सहित कई इंजीनियर उपस्थित थे.

