ग्वालियर: अतिवर्षा एवं बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिये एहतियात बतौर पुख्ता इंतजाम किए जाएं. शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र की ऐसी बस्तियां जहां जल भराव की संभावना हो वहां के लोगों को अस्थायी तौर पर विस्थापित करने के लिये चिन्हित स्थानों पर जरूरी बुनियादी सुविधाओं का इंतजाम अवश्य किया जाए.
साथ ही रहवास के लिये चिन्हित स्थलों पर कोरोना गाइडलाईन का भी पूरा ध्यान रखा जाए. इस आशय के निर्देश अपर जिला दण्डाधिकारी किशोर कन्याल ने मौजूदा मानसून सत्र के दौरान बाढ़ आपदा प्रबंधन को लेकर बुलाई गई बैठक में संबंधित अधिकारियों को दिए.
अपर जिला दण्डाधिकारी कन्याल ने निर्देश दिए कि सभी अनुविभागीय दण्डाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र के पुलिस एवं अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का बारीकी से निरीक्षण कर लें. साथ ही बाढ़ से निपटने के लिये सभी एहतियाती उपाय पहले से ही मुकम्मल कर लें.
उन्होंने कहा कि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों से गुजरने वाले सड़क मार्गों पर स्थित ऐसे पुल-पुलियों पर चेतावनी के बोर्ड लगवाएं कि जहां वर्षाकाल में पानी भरने से आवागमन में खतरा हो.
चेतावनी में यह स्पष्ट किया जाए कि पानी भरे होने की स्थिति में पुल-पुलिया पार न करें. कन्याल ने जिले के बांधों एवं जलाशयों के गेट खोलने की सूचना संबंधित क्षेत्र में समय से प्रसारित करने के निर्देश जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को दिए.
ग्वालियर नगर निगम सहित जिले की सभी तहसीलों में चिन्हित जल भराव वाले क्षेत्रों में बाढ़ से निपटने के लिये की जा रही तैयारियों की बैठक में विस्तार से समीक्षा की गई. साथ ही निर्देश दिए गए कि होमगार्ड की गोताखोर टीम मय नाव, रस्से व अन्य सामग्री के साथ पूरी तरह मुस्तैद रहें.
सभी एसडीएम से कहा गया कि गांव-गांव में तैराक लोगों को चिन्हित कर सूचीबद्ध करें, जिससे आपात स्थिति में इनका सहयोग लिया जा सके. संभावित जल भराव वाले क्षेत्रों में दवाईयों सहित चिकित्सा दल की ड्यूटी लगाने के निर्देश भी बैठक में दिए गए. पेयजल व पशुओं की व्यवस्था करने एवं मजबूत सूचना तंत्र विकसित करने पर भी बैठक में जोर दिया गया.
अपर जिला दण्डाधिकारी ने कहा कि अतिवर्षा एवं बाढ़ से निपटने के उद्देश्य से बनाए गए बाढ़ नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) 24 घंटे सक्रिय रहें. साथ ही कंट्रोल रूम में बाढ़ एवं आपदा राहत से संबंधित सभी विभागों के अधिकारियों के मोबाइल फोन नम्बर उपलब्ध रहें, जिससे आपात स्थिति में तत्काल सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा सके. कन्याल ने चैकलिस्ट के आधार पर सभी एहतियाती उपाय करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए.
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण रायसिंह नरवरिया ने कहा कि पुलिस बल भी आपात स्थिति से निपटने के लिये 24 घंटे तत्पर है. वर्षा ऋतु को ध्यान में रखकर सभी पुलिस थानों को सचेत कर दिया गया है.
बैठक में अपर आयुक्त नगर निगम नरोत्तम भार्गव एवं शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के एसडीएम सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे.

