नई दिल्ली: देश भर में इन दिनों कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है. इस महामारी को रोकने के लिए केंद्र के नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा कंटेनमेंट जोन वाले शहरों में लॉकडाउन 5 की घोषणा की गई है. देश की राजधानी दिल्ली में भी कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. ऐसे में लॉकडाउन 5 यहां भी लागू है. हालांकि, अब पहले से अधिक छूट राज्य की अरविंद केजरीवाल सरकार ने दी है.
इसके बावजूद लगातार दो माह तक लॉकडाउन की वजह से दिल्ली की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है. अरविंद केजरीवाल सरकार का कहना है कि सरकार का खजाना खाली हो गया है. यही वजह है कि दिल्ली के सीएम मनीष सिसोदिया ने रविवार को कहा कि कर्मचारियों को सैलरी देने के लिए राज्य सरकार के पास पैसा नहीं है.
एचटी के मुताबिक, मनीष सिसोदिया ने बताया कि दिल्ली सरकार को प्रतिमाह 3500 करोड़ रुपये बतौर वेतन देना होता है, लेकिन सरकार के पास सिर्फ 1725 करोड़ रुपए हैं. इसलिए उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को चिट्ठी लिखकर केंद्र सरकार से 5000 करोड़ रुपये मांगे हैं.
बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी में दो महीने से भी ज्यादा समय बाद अब सामान्य कामकाज बहाल होने की संभावना है, क्योंकि लॉकडाउन हटाने के लिए दिल्ली सरकार की अधिकतर सिफारिशें केंद्र ने मान ली है. सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी.
दिल्ली सरकार के एक सूत्र ने बताया, ”व्यवहारिक रूप से दिल्ली सरकार की सारी सिफारिशें गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देश में शामिल हैं, जिसका मतलब है कि अगले कुछ दिनों में शहर में सामान्य गतिविधियां बहाल हो जाएंगी.”
उन्होंने बताया, ”केंद्र के दिशा-निर्देश और मानक संचालन प्रक्रिया के अध्ययन के बाद पाबंदी हटाने के बारे में अंतिम घोषणा कल होने की संभावना है.” शहर में 23 मार्च से बंद शॉपिंग मॉल के आठ जून से खुलने की संभावना है.

