रांची : झारखंड प्रदेश कांग्रेस राहत निगरानी (कोविड-19) समिति की बैठक आज रांची स्थित कांग्रेस कार्यालय में हुई. इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष डाॅ. रामेश्वर उरांव, विधायक दल के नेता आलमगीर आलम और कृषिमंत्री बादल के अलावा समिति के सदस्य आलोक कुमार दूबे, राजेश गुप्ता छोटू और लाल किशोरनाथ शाहदेव उपस्थित थे. बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून और मनरेगा को लागू करने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के प्रति विशेष रूप से आभार व्यक्त किया गया और सोनिया गांधी को इस सदी का सबसे बड़ा नेता का दर्जा देने की बात की गयी.
इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने डाॅ रामेश्वर उरांव ने कहा कि यदि कोरोना महामारी के दौरान मनरेगा और खाद्य सुरक्षा कानून लागू नहीं होता, तो आज कितनी विकट स्थिति उत्पन्न होती. इसकी परिकल्पना नहीं की जा सकती है. उन्होंने कहा कि दोनों ही योजनाएं आज देशवासियों के लिए वरदान साबित हुआ है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यूपीए शासन शुरू इन दोनों योजनाओं की सराहना पूरी दुनिया ने की. इन्हीं दोनों योजनाओं से जब पूरी दुनिया आर्थिक मंदी की चपेट में था, भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाये रखने में सफलता हासिल की. वित्तमंत्री डाॅ. उरांव ने कहा कि संकट के इस दौर में राज्य सरकार द्वारा राजस्व बढ़ाने को लेकर प्रोफेशनल्स टैक्स और अन्य मामलों में कई कठोर फैसले लिये जा सकते है.
कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने बताया कि मनरेगा और खाद्य सुरक्षा कानून से कोरोना आपातकाल में बड़ी राहत मिली है। आज हर ओर पलायन की स्थिति है और राशन उपलब्ध कराये जाने की जरूरत है,ऐसी स्थिति में झारखंड सरकार इन दोनों योजनाओं की मदद से लोगों को लगातार सहायता उपलब्ध कराने में जुटी है, मनरेगा के अलावा बिरसा हरित योजना समेत अन्य योजनाएं शुरू की गयी है, इन सभी योजनाओं में मशीन का उपयोग वर्जित है और श्रमिकों को काम मिल रहा है। संकट की इस घड़ी में आज करीब साढ़े छह लाख लोगों को काम मिल रहा है, सरकार ने 10लाख लोगों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पंचायत में ही रोजगार उपलब्ध कराने की योजना बनायी है.

