रांची: कोविड-19 को लेकर देशव्यापी लॉकडाउन के बीच राज्य सरकार की ओर से सभी को भोजन उपलब्ध कराने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाये गये है. इस संबंध में झारखंड राज्य खाद्य आयोग द्वारा भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किया गया है ताकि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 का उल्लंघन न हो और सभी को ससमय भोजन प्राप्त हो सके.
इसके तहत आंगनबाड़ी केंद्र पर जाने वाले छह माह से छह वर्ष तक के सभी बच्चों, गर्भवती महिलाओं ,धात्री माताओं और चिह्नित अतिकुपोषित बच्चों को पूरक पोषाहार उनके घर पर आंगनबाड़ी कर्मियों द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा है.
Also Read This: 15 अप्रैल से चलेगी ट्रेन, खुलने के बाद सिर्फ गंतव्य स्टेशन पर ही रुकेगी
वहीं स्कूल बंद होने के कारण मध्याह्न भोजन के अंतर्गत अर्हताधारी छात्र-छात्राओं को खाद्यान्न कुकिंग कॉस्ट की राशि भी दी जा रही है. इसके तहत कक्षा एक से पांच तक छात्रों को प्रतिदिन चार रुपया अड़तालीस पैसे और कक्षा छह से कक्षा आठ तक के विद्यार्थियों को प्रति छात्र छह रुपया 71 पैसे की दर से दिया जा रहा है. इस तरह से 17 से 31 मार्च तक तीन अवकाश को छोड़ कर 12 दिनों के लिए कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों को 53.76 रुपये और अंडा व फल के लिए 12 रुपये तथा कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों को इस अवधि में 80.52 और 12 रुपये अंडा के लिए उपलब्ध कराया गया. वहीं 1 से 14 अप्रैल तक छह दिनों के अवकाश के लिए भी राशि का भुगतान किया जा रहा है.
Also Read This: ‘क्रिमिनल तबलीगियों की कुटाई अब जरूरी’ लिखने वाले DEO को सरकार का नोटिस
इसके अलावा 377 मुख्यमंत्री दाल भात केंद्र चलाये जा रहे है, जिनमें से 11 केंद्र रात्रि में भी चल रहे है. वहीं 498 विशेष दाल-भात केंद्र और पुलिस थानों पर 342 केंद्रों का संचालन हो रहा है. इसके अलावा आकस्मिक राहत पैके द्वारा दो किग्रा चूड़ा, 500 ग्राम चना और 500 ग्राम गुड़ का वितरण किया जा रहा है. ऐसे जरूरतमंद जिनके पास राशन कार्ड नहीं है, और उन्होंने राशन कार्ड के लिए आवेदन दिया है, उन्हें भी प्रति परिवार 10किग्रा खाद्यान्न एक रुपये प्रति किग्रा की दर से दिया जा रहा है. इसके अलावा आकस्मिक खाद्यान्न कोष के द्वारा राज्य के सभी मुखिया और वार्ड पार्षद को 10 हजार रुपये की आकस्मिक निधि उपलब्ध करायी गयी है.

