BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

UAPA बिल के कानून बनते ही आतंकियों पर शिकंजा

by bnnbharat.com
July 27, 2019
in समाचार
UAPA बिल के कानून बनते ही आतंकियों पर शिकंजा
Share on FacebookShare on Twitter

भारत के आतंकवाद विरोधी कानून में प्रस्तावित संशोधनों के प्रभाव में आने के बाद सबसे पहला शिकंजा हाफिज सईद और मसूद अजहर पर कसने की तैयारी है। इस कानून के तहत इन्हें सबसे पहले आतंकवादी घोषित किया जाएगा। गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) संशोधन (UAPA) विधेयक, 2019 लोकसभा में पारित हो गया है और अब इसे राज्यसभा में पास होना बाकी है। बिल को लेकर सदन में काफी हंगामा हुआ था और इसके विरोध में कांग्रेस, डीएमके और तृणमूल कांग्रेस ने बिल के विरोध में लोकसभा से वॉकआउट किया था। यूएपीए को अगर राज्यसभा से भी मंजूरी मिल जाती है तो जिसे आतंकवादी घोषित किया जाएगा, उस पर यात्रा प्रतिबंध लग सकेंगे और उसकी संपत्ति जब्त की जा सकेगी। हाफिज सईद साल 2008 के मुंबई आतंकी हमले का मास्टरमाइंड है जबकि मसूद अजहर साल 2001 में संसद पर हमले में मोस्ट वॉन्टेड है।
हाफिज सईद और मजूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित किए जाने के बाद भी पाकिस्तान में सरंक्षण मिला हुआ है। गृह मंत्रालय के अधिकारी के अनुसार किसी व्यक्ति को आतंकवादी तभी घोषित किया जा सकेगा जब गृह मंत्रालय ऐसा करने की सहमति देगा। इस प्रकार घोषित हुआ आतंकी केंद्रीय गृह सचिव के समक्ष अपील कर सकेगा जो इस पर 45 दिनों के भीतर फैसला करेंगे।
इसके अलावा एक कार्यरत या सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समीक्षा समिति का गठन होगा। इसमें भारत सरकार के कम से कम दो सेवानिवृत्त सचिव होंगे। किसी व्यक्ति को आतंकवादी घोषित किए जाने के फैसले के खिलाफ वह इन सदस्यों तक सीधे पहुंच सकेगा। एक बार आतंकवादी घोषित होने के बाद, सरकार उसकी संपत्ति को जब्त करने जैसे कदम उठा सकेगी।
एक दूसरे अधिकारी ने बताया कि हालांकि प्रस्तावित कानून के तहत क्या कदम उठाए जा सकते हैं इसका ब्यौरा तब ही आ सकेगा जब यह विधेयक संसद से पारित हो जाएगा। जिसे भी आतंकवादी घोषित करना है उससे संबंधित आंकड़े विदेशी सरकार के साथ साझा किए जा सकेंगे। अधिकारी ने बताया कि बीते 15 सालों में 42 संगठनों को गैरकानूनी घोषित किया गया और इनमें से केवल एक संगठन दीनदान अंजुमन ही ऐसा है जिसने सरकार के फैसले के खिलाफ अपील की है। हालांकि जब सरकार एक बार फिर अपने फैसले की पुष्टि कर देगी तो यह संगठन अदालत में चुनौती नहीं दे सकेगा।
सदन पर बहस का जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि आतंकवाद पर करारा प्रहार करने के लिए कड़े और बेहद कड़े कानून की जरूरत है। उन्होंने कहा था कि आज कांग्रेस कानून में संशोधन का विरोध कर रही है जबकि 1967 में इंदिरा गांधी की सरकार ही यह कानून लेकर आई थी। शाह ने अर्बन नक्सलिजम पर वार करते हुए कहा कि जो इसे बढ़ावा दे रहे हैं, उन पर कठोर कार्रवाई होगी। हमारी सरकार की उनके प्रति बिल्कुल भी सहानुभूति नहीं है।
गृह मंत्री ने कहा था कि यह कहना कि आतंकवादियों पर कठोर कार्रवाई से नहीं, बल्कि उनसे बातचीत कर आतंकवाद पर काबू पाया जा सकता है, इस विचार से वह कतई सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि किसी के पास बंदूक होती है, इसलिए वह आतंकवादी नहीं बन जाता है बल्कि वह इसलिए आतंकवादी बनता है क्योंकि उसके दिमाग में आतंकवादी सोच रहती है।
अमित शाह ने कहा था कि कानून में आंतकी गतिविधि में लिप्त संगठन को आतंकवादी संगठन घोषित करने करने का प्रावधान तो है, लेकिन आंतकी वारदात को अंजाम देने वाले या इसकी साजिश रचने वाले लोगों को आतंकवादी घोषित किए जाने का अधिकार नहीं था। शाह ने इसका उदाहरण देते हुए कहा कि एनआईए ने यासीन भटकल की संस्था इंडियन मुजाहिदीन को आतंकवादी संस्था घोषित किया था, लेकिन उसे आतंकवादी घोषित नहीं किया। इसका फायदा लेते हुए उसने 12 घटनाओं को अंजाम दिया।

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

कर्नाटक में सियासी ड्रामा: टवि्स्ट ऐंड टर्न जारी

Next Post

ईरान ने नौ भारतीय क्रू सदस्यों को रिहा किया

Next Post
ईरान ने नौ भारतीय क्रू सदस्यों को रिहा किया

ईरान ने नौ भारतीय क्रू सदस्यों को रिहा किया

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d