सिमरिया : प्रखंड के फतहा गांव में शुक्रवार की रात नौजवान कमेटी के द्वारा शाहे ए कर्बला कॉन्फ्रेंस जलसा का आयोजन किया गया.जलसे में नवादा बिहार के सैयद अरसद अफजली, जमशेद रहबर चतरा, कारी मिन्हाज हाफज़ी चतरा, हाफिज इनामुल, हाफिज अमानत, हाफिज शोएब, हाफिज फियाज ने शिरकत की.मौके पर मौलाना अरसद अफजली ने अपनी तकरीर में कहा कि मुहर्रम के अवसर पर इमामे हुसैन की याद में इस्लाम के कानून के तहत ताजियादारी करना जायज है. इमाम हुसैन के रोजे की नकल बनाना भी जायज है. उन्होंने लोगों से कहा कि मोहर्रम में ही ताजिया की जायज व नाजायज का ख्याल क्यों आता है.
उन्होंने नमाज पर रोशनी डालते हुए लोगों से पांचों वक्त की नमाज पढ़ने व दीनी तालीम हासिल करने की बात कही. उन्होंने आगे कहा कि आज के दौर में मुसलमान अपने नबी का फरमान भूल गए हैं. शादी विवाह में दहेज का प्रचलन बढ़ गया है. हमारे मजहब में दहेज मांगना नाजायज हैं. दहेज लेकर कोई शादी करता है तो उसकी निंदा करनी चाहिए. सरकार द्वारा दहेज के खिलाफ चलाई गई मुहिम सराहनीय है. शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा मानव जीवन के लिए महत्वपूर्ण है. शिक्षा एक ऐसी चीज है जो इंसान को इंसान बनाती है.उन्होंने कहा कि अल्लाह ने कुरान में अमन-चैन व शांति का संदेश दिया है.इस अवसर पर नातखाने रसूल जमशेद रहबर व हाफिज मिनहाज ने अपनी सुरीली आवाज और अच्छे अंदाज में नातिया कलाम पढ़कर लोगों को नारा लगाने पर मजबूर कर दिया और महफिल से या अली या हुसैन के नारा गूंज रहा था.
मौके पर हाजी समसुद्दीन साहब, लतीफ उर रहमान, इदरीस अंसारी, असरार अंसारी, अबरार अंसारी, मो.जुनेद, मो. कलीम, सुभान अंसारी, दिलावर हुसैन, नोसाद अंसारी, दिलशाद अंसारी, मो.मोजाहिद अरसद अंसारी, अल्तमश रजा, ज़ाहिद अंसारी, मो.कुदबुद्दीन, सद्दाब अंसारी, मो.औरन, मो. हेदायत, आजम अंसारी, मो.गुफरान, मो.जाफरान, कुदुस अंसारी, मो.मेराज, जहीर अंसारी, दाऊद अंसारी, मो.इसतेखार, सरवर अंसारी, सलामत अंसारी, आमिर अंसारी, सद्दाम अंसारी, सहजाद अंसारी, मोबिन अंसारी, दानिश अंसारी, मो.जमाल, बसीर अंसारी, मतीन अंसारी, फखरुद्दीन अंसारी, जामिर अंसारी, अख्तर अंसारी, सयूब अंसारी, मो. साजिद के अलावे सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल थे.

