रांची: प्रोफेशनल कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष आदित्य विक्रम जयसवाल के आवास पर कांग्रेस जनों द्वारा मौलाना अबुल कलाम आजाद का जयन्ती समारोह आयोजित कर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की. प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे,लाल किशोर नाथ शाहदेव एवं आदित्य विक्रम जयसवाल ने मौलाना आजाद के उस सेवरलेट गाडी की सवारी की जिस गाड़ी से 1940 में रामगढ़ अधिवेशन में भाग लेने मौलाना आजाद गये थे, ब्रिटिश हुकुमत ने जब उन्हें नजर बन्द किया था उस दौरान दस दिनों तक रांची प्रवास के दौरान जिस सवरलेट कार पर चला करते थे कांग्रेस नेता आलोक दूबे,किशोर शाहदेव एवं आदित्य विक्रम जयसवाल ने नगर भ्रमण किया,एवं जिस कमरे वे ठहरे थे वहां भी उनके स्मृतियों को याद किया. इसके पूर्व श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आलोक दूबे ने कहा मौलाना आजाद महान कवि, लेखक,पत्रकार,स्वतंत्रता सेनानी,राष्ट्रपिता के सहयोगी व आधुनिक भारत के महानायक को जन्म जयन्ती पर शत शत नमन करता हूं. मौलाना अबुल कलाम आजाद प्रमुख राजनीतिक नेता तथा हिंदू मुस्लिम एकता के समर्थक के आजाद भारत के पहले शिक्षा मंत्री थे.
प्रदेश प्रवक्ता लाल किशोर शाहदेव ने कहा मौलाना आजाद के उल्लेखनीय कार्यों को देखते हुए उनका जन्म दिवस राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है, अबुल कलाम बहुत प्रतिभाशाली थे उन्हें उर्दू फारसी और अरबी की अच्छी जानकारी थी,महान शिक्षा विद के रुप में दुनिया में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई थी.
प्रोफेशनल कांग्रेस अध्यक्ष आदित्य विक्रम जयसवाल ने कहा मौलाना आजाद इंडिया विंस फ्रीडम या भारत के आजादी की जीत नामक किताब लिखी थी,इसके अलावा उन्होंने कई उर्दू पुस्तकों को अंग्रेजी में अनुवाद किया. 1940 से 1945 के बीच भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे . जिस दौरान भारत छोड़ो आंदोलन हुआ कांग्रेस के अन्य प्रमुख नेताओं की तरह उन्हें भी 3 साल जेल में बिताने पड़े थे, धारसन सत्याग्रह के अहम इंकलाबी थे व खिलाफत आंदोलन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी.
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में कृष्णा सहाय, राजीव चैरसिया, पुनिल, गौरव आनंद, संतोष आदि शामिल थे.

