रांची: रांची की महापौर आशा लकड़ा ने सूडा द्वारा निविदा आमंत्रित करने और आमंत्रित निविदा पर एजेंसी चयन करने को नियमविरुद्ध बताया है.
उन्होंने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, नगर विकास विभाग के सचिव और सूडा निदेशक को पत्र लिखकर कहा है कि नगर विकास विभाग के निर्देश पर सूडा ने झारखंड नगरपालिका अधिनियम को दरकिनार कर 6 जुलाई 2020 को रांची नगर निगम क्षेत्र में कर वसूली कार्य के लिए इच्छुक एजेंसियों से आवेदन के लिए निविदा आमंत्रित किया गया था.
आमंत्रित निविदा के आधार पर पब्लिकेशन एंड स्टेशनरी प्राइवेट लिमिटेड नामक एजेंसी का चयन किया गया है. इस संबंध में निविदा में भाग लेने वाली एजेंसियों ने रांची नगर निगम को पत्र लिखकर जानकारी दी है.
पत्र में यह भी जानकारी उपलब्ध करायी गई है कि प्रावधान के तहत क्या मांग की गई थी और चयनित एजेंसी ने क्या दस्तावेज जमा किये है. इन सभी बिंदुओं पर गौर करने से यह प्रतीत होता है कि राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) के माध्यम से एजेंसी के चयन में विसंगतियां बरती गई हैं.
इसकी जानकारी निविदा में भाग लेने वाली एजेंसियों के द्वारा भी विभागीय सचिव को 25 जुलाई को पत्र लिखकर दिए जाने की बात कही गई है. हालांकि सचिव द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गयी.
महापौर ने कहा है कि इन सभी मामले पर राज्य सरकार गंभीरता पूर्वक विचार करें. चयनित एजेंसी द्वारा जमा किए दस्तावेजों की जांच करें. चयनित एजेंसी पब्लिकेशन एंड स्टेशनरी प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा दिए गए दस्तावेजों की जांच कर काली सूची में डालने की बात कही है. साथ चयनित एजेंसी पब्लिकेशन एंड स्टेशनरी प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा की गई गड़बड़ियों एवं विसंगतियों के बारे में जानकारी दी है.
- अब सवाल यह है कि जब चयनित एजेंसी तकनीकी रूप से कर वसूली कार्य में सक्षम नहीं है तो उसे एल-1 कैसे किया गया. इससे यह स्पष्ट होता है कि चयनित एजेंसी के पास राजस्व संग्रह करने करने की क्षमता नहीं है. नगर विकास विभाग के सचिव का यह बयान कि कमीशन की दर में कमी आने से रांची नगर निगम को आगामी तीन वर्षों में 4.5 करोड़ का मुनाफा होगा, यह समझ से परे है. सिर्फ कमीशन की दर में कमी का हवाला देकर एजेंसी का चयन किया जाना उचित नहीं है. जब चयनित एजेंसी तकनीकी रूप से समृद्ध नहीं है तो ऐसे एजेंसी से वित्तीय मामलों में भारी नुकसान होने की संभावना है.
- चयनित एजेंसी पब्लिकेशन एंड स्टेशनरी प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा दिए गए दस्तावेजों में गड़बडी की जानकारी भी दी है.

