मोकिम अंसारी,
हजारीबाग (पिपरवार): पिपरवार क्षेत्र के बीओसी हनुमान मंदिर के प्रांगण में पिपरवार प्रभावित क्षेत्र के प्रभावित विस्थापित ग्रामीणों की बैठक की गई. जिसकी अध्यक्षता मो फहीम राजा उर्फ डायमंड ने की. वहीं संचालन मो. खुर्सीद अंसारी ने किया. बैठक में मंगरदहा, बहेरा, बेंती, कनौदा, सिदालु, राजधर, कारो किचटो, एवं अन्य गांव के प्रभावित रैयत शामिल हुए. शामिल रैयतों ने सहमती पूर्वक निर्णय लिया कि जो मांग हम रैयतों की है वह सीसीएल प्रबंधन पिपरवार क्षेत्र को ग्रामीणों द्वारा पूर्व में सौंपी दी गई है.
मांग पत्र सौपे कई दिन बीत जाने के बाद भी हमारी प्रमुख मांगे अब तक पूरी नहीं कि गयी है. आक्रोशित प्रभावित ग्रामीणों ने उग्र होकर दो फरवरी से सीसीएल पिपरवार क्षेत्र को अनिश्चितकाल के लिए कार्य बंद की सूचना प्रेसित की है. मांग पत्र में नौकरी एवं मुआवजा पर नई नियमों का विरोध किया है. साथ हीं ग्रामीणों की मांग अबतक रोके रहने के कारण यह बंदी की घोषणा की गयी है. नौकरी एवं मुआवजा जैसे लाभ सीसीएल द्वारा जब तक हम विस्थापित व प्रभावित परिवारों को पूरी नही किया जाएगा. तबतक सीसीएल पिपरवार कोल क्षेत्र अनिश्चितकाल के लिए बंद किया जाएगा.
वहीं सभी विस्थापित व प्रभावित परिवारों से पुरजोर अपील की गई है कि जो प्रभावित परिवार इस बैठक में शामिल नहीं हो सके हैं वो दो फरवरी से अनिश्चित कालीन बंदी में शामिल होकर बंदी को सफल बनाने में सहयोग करें. बैठक में मो.इस्माईल अंसारी, सुरन भुइँया, नुमान अंसारी, देवनाथ महतो, मंसूर आलम, दुलारचंद मुंडा, रविन्दर सिंह के अलावे दर्जनों ग्रामीण शामिल थे.

