रांची: राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद के तत्वावधान में आदिवासी धर्म कॉलम की एक सूत्री मांग को लेकर नगर टोली रांची झारखंड में विभिन्न राज्य एवं जिलों के प्रतिनिधि मंडलों की एक राष्ट्र स्तरीय सभा आयोजित की गई. जिसमें कई राज्यों के सामाजिक संगठन राष्ट्र स्तरीय, राज्य स्तरीय एवं जिला स्तरीय संगठनों के प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में भाग लिया.
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मान्यवर एच.एन रेकवॉल साहब ने धर्म कोल्लम की मांग को लेकर खुला समर्थन करते हुए कहा कि आदिवासी जो भारत के मूल नागरिक हैं और इनकी 800 कम्युनिटी भारत में निवास करती है, जो अपने धर्म संस्कृति सभ्यता परंपरा रीति रिवाज बोली भाषा रहन-सहन खान-पान वेशभूषा और पारंपरिक व्यवस्थाओं की वजह से जाने जाते हैं और जो संविधान के आर्टिकल 342 में निहित है. जिसमें 1871 के पहले सें लेकर 1951 तक प्रभावी रूप से लागू रहा जिसे राजनीति षड्यंत्र के तहत पिछली सरकार ने बाद में इसे खत्म कर दिया गया. पिछली सरकार की मंशा आदिवासियों के प्रति गैर जिम्मेदाराना रवैया को प्रदर्शित करती है एवं वर्तमान केंद्र में शासित सरकार से इस सत्र में आदिवासियों के राष्ट्रीय पहचान हेतु सदन में पारित करने की बात कही.
कार्यक्रम को संबोधित कर रहे राष्ट्रीय आदिवासी इंडीजीनस धर्म समन्वय समिति के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद उरांव एवं जय आदिवासी केंद्रीय परिषद के प्रदेश प्रवक्ता हलधर चंदन पाहन ने संयुक्त रूप से कहा कि 2021 जनगणना प्रपत्र आदिवासियों के सेपरेट कॉलम को लेकर झारखंड सरकार के सत्ता पक्ष एवं विपक्ष पर समाज की तीखी नजर है और इस सत्र में सभी 81 मंत्री विधायक के जनप्रतिनिधि गण इसकी अनुशंसा कर विधानसभा से पारित कर इसे जल्द केंद्र को भेजें अन्यथा सरहुल में सरकार के खिलाफ इस मामले को लेकर आग लगेगा. वहीं आदिवासी छात्र मोर्चा के युवा नेता अजय टोप्पो एवं जय आदिवासी केंद्रीय परिषद के महिला अध्यक्ष निरंजना हेरेंज टोप्पो ने मुख्य रूप से अपने वक्तव्य में कहा कि झारखंड राज्य एवं सरकार आदिवासियों की जिन आकांक्षाओं तहत बनी और अपने घोषणा पत्र में जिन वायदों के तहत सरकार सत्ता में आई. उन्हीं आशा और विश्वासों को कायम रखते हुए सरकार सरहुल महापर्व में आदिवासियों को धर्म-कोड की सौगात धर्म कोल्लम महोत्सव के रूप में दें.
इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से विभिन्न राज्यों और जिलों से जिनमें भोपाल, गिरिडीह, रांची, संथाल-छोटा नागपुर, सरायकेला, गोड्डा, चाईबासा, सिमडेगा, हजारीबाग, लातेहार, रामगढ़, पलामू, साहिबगंज सहित प्रतिनिधि मंडलों की सूची में मुन्ना टोप्पो, जयंत टोप्पो, गीता लकड़ा, एंजिला टूडू, कलिका गाड़ी, मंजुला गाड़ी, संचरवा बेसरा, बसंत उरांव, भरत उरांव, ब्लू कच्छप, कुलदेव भगत, मनोज कच्छप, जोसेफ सोरेन, संगीता तिग्गा, रीता कच्छप, तरुण टोप्पो, एतवा उरांव, अजय कुमार पाहन, सागर सिंह, सुनील टोप्पो, अशोक टोप्पो, रघुनाथ बाबा, विनोद मुंडा, राजकिशोर उरांव, संगीता तिग्गा, तरूण सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे.
